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चंबल नदी: संकटग्रस्त जलीय जीवों का संरक्षण केंद्र

चंबल नदी: संकटग्रस्त जलीय जीवों का संरक्षण केंद्र

विशेष समाचार
आगरा, 02 फरवरी (प्रेस ब्यूरो)। चंबल क्षेत्र, जो उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और राजस्थान के 435 किलोमीटर लंबे क्षेत्र में फैला है, एक समय में डकैतों और बागियों का गढ़ था। लेकिन अब, यह अपनी स्वच्छ जल और प्राकृतिक विशेषताओं के कारण संकटग्रस्त जलीय जीवों जैसे घड़ियाल, बटागुर कछुआ, डॉल्फिन और इंडियन स्कीमर के लिए एक महत्वपूर्ण आश्रय बन गया है। पिछले एक दशक में चंबल संक्चुअरी में मगरमच्छ की संख्या दोगुनी से अधिक हुई है और चंबल में घड़ियाल और डॉल्फिन की संख्या भी धीरे-धीरे बढ़ रही है। 1979 में स्थापित राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के क्षेत्रों को सम्मिलित करता है। इसकी लंबाई लगभग 440 किलोमीटर है, जिसमें घड़ियाल, मगरमच्छ, बटागुर कछुआ और डॉल्फिन सहित जलीय जीवों के निवास स्थान हैं। घड़ियाल संरक्षण परियोजना 1981 में शुरू की गई थी, जिसके तहत चंबल नदी की जैव विविधता को ...
मध्य प्रदेश में तीन दिन तक मावठे की संभावना, 25 जिलों में अलर्ट जारी

मध्य प्रदेश में तीन दिन तक मावठे की संभावना, 25 जिलों में अलर्ट जारी

मध्य प्रदेश, राज्य
भोपाल, 02 फरवरी (प्रेस ब्यूरो)। मध्य प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। प्रदेश में अगले तीन दिनों तक मावठा गिरने की संभावना जताई गई है। आज सोमवार को ग्वालियर, रीवा और सागर संभाग सहित कुल 25 जिलों में बरसात का अलर्ट जारी किया गया है। इसके साथ ही कई इलाकों में सुबह के समय कोहरे का असर भी देखने को मिला। मौसम विभाग के अनुसार, 2 और 5 फरवरी के बीच पश्चिम-उत्तरी भारत में सक्रिय वेस्टर्न डिस्टरबेंस का प्रभाव मध्य प्रदेश में भी दिखाई देगा। इसी कारण 10 फरवरी तक प्रदेश के कुछ हिस्सों में रुक-रुक कर बारिश हो सकती है। बीते रविवार को प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम बिगड़ा रहा। नीमच और मंदसौर में तेज आंधी-बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई, जबकि ग्वालियर, धार, मुरैना और उज्जैन समेत कई जिलों में बारिश दर्ज की गई। सोमवार को जिन जिलों में बारिश की चेतावनी दी गई है, उनमें ग्वालियर, नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा...
घने कोहरे के बीच मध्य प्रदेश में बारिश और आंधी का अलर्ट, 1-3 फरवरी तक जारी

घने कोहरे के बीच मध्य प्रदेश में बारिश और आंधी का अलर्ट, 1-3 फरवरी तक जारी

मध्य प्रदेश, राज्य
भोपाल, 01 फरवरी (प्रेस ब्यूरो)। मध्य प्रदेश के उत्तरी हिस्से में मौसम ने खासा बदलाव देखा है। ग्वालियर, रीवा सहित लगभग 20 जिलों में मध्यम से घना कोहरा छाया हुआ है। कोहरे के बाद प्रदेश में आंधी और बारिश का सिलसिला शुरू होने वाला है। इसे ध्यान में रखते हुए 1, 2 और 3 फरवरी के लिए अलर्ट जारी किया गया है। सबसे ज्यादा प्रभाव ग्वालियर, चंबल, सागर और उज्जैन संभाग में देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, यह बदलाव पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस) के सक्रिय होने के कारण हो रहा है। 2 से 5 फरवरी के बीच पश्चिम और उत्तर भारत में यह सिस्टम मजबूत रहेगा, जिसका असर मध्य प्रदेश में भी दिखेगा। इसके चलते 10 फरवरी तक प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश की संभावनाएं बनी हुई हैं। 1 फरवरी को ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में गरज-चमक के साथ बारिश...
मध्य प्रदेश में सर्द हवाओं से बढ़ी ठिठुरन, ग्वालियर-चंबल संभाग सबसे ज्यादा प्रभावित

मध्य प्रदेश में सर्द हवाओं से बढ़ी ठिठुरन, ग्वालियर-चंबल संभाग सबसे ज्यादा प्रभावित

मध्य प्रदेश, राज्य
भोपाल, 12 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। पहाड़ों पर लगातार हो रही बर्फबारी का असर अब मैदानी इलाकों पर स्पष्ट रूप से नजर आने लगा है। मध्य प्रदेश में सर्द हवाओं के कारण ठिठुरन बढ़ गई है, विशेष रूप से ग्वालियर-चंबल संभाग सबसे अधिक प्रभावित है। यहां दिन और रात दोनों समय कड़ाके की ठंड का अनुभव किया जा रहा है। आज सोमवार सुबह घने कोहरे और बर्फीली हवाओं के कारण लोगों को अत्यधिक ठंड का सामना करना पड़ा। मौसम विभाग के अनुसार, अगले चार दिनों तक मौसम में कोई महत्वपूर्ण बदलाव की संभावना नहीं है। भोपाल और इंदौर में भी न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहने की आशंका है। मौसम विभाग का कहना है कि ग्वालियर-चंबल संभाग, जो प्रदेश के उत्तरी और ऊपरी हिस्से में स्थित है, यहां ठंड का असर ज्यादा देखने को मिल रहा है। ग्वालियर, भिंड, मुरैना, श्योपुर और दतिया जिलों में ठंड की شدت सबसे अधिक है। रविवार को ग्वालियर में ...