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Tag: आपदा प्रबंधन

सिंगरौली में 3.5 रिक्टर स्केल का भूकंप महसूस, कोई नुकसान नहीं

सिंगरौली में 3.5 रिक्टर स्केल का भूकंप महसूस, कोई नुकसान नहीं

राष्ट्रीय
भोपाल, 17 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले में शनिवार दोपहर अचानक भूकंपीय झटके महसूस हुए। राष्ट्रीय स्तर पर राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म पर इस घटना की पुष्टि की और विस्तृत जानकारी साझा की। केंद्र के अनुसार, भूकंप का केंद्र 24.239° उत्तरी अक्षांश तथा 82.502° पूर्वी देशांतर पर स्थित था और यह भू‑गर्भीय सतह से लगभग 10 किलोमीटर की गहराई पर था। भूकंप का समय दर्ज किया गया 14:12:35 (दो बजे दो मिनट 35 सेकंड) और इसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 3.5 मापी गई। इस तीव्रता को सामान्यतः हल्का माना जाता है, इसलिए अभी तक कोई जान‑माल के नुकसान की रिपोर्ट नहीं मिली है। फिर भी, कुछ क्षेत्रों में लोग अचानक आए झटकों से चौंक गए और कुछ जगहों पर अल्पकालिक अफरा‑तफरी देखी गई, लेकिन कोई इमारत या संरचना क्षतिग्रस्त नहीं हुई। स्थानीय प्रशासन ने स्थिति को पूरी तरह स...
आईआईटी रुड़की ने बनाया ‘हाइइको’ मॉडल, बाढ़ में जलजनित रोगों के खतरे का सटीक अनुमान

आईआईटी रुड़की ने बनाया ‘हाइइको’ मॉडल, बाढ़ में जलजनित रोगों के खतरे का सटीक अनुमान

राष्ट्रीय
हरिद्वार, 16 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी रुड़की) के शोध दल ने ‘हाइइको’ नाम का एक नया मॉडल तैयार किया है, जो शहरी बाढ़ के दौरान जलजनित रोगों के प्रसार और जन स्वास्थ्य पर पड़ने वाले संभावित खतरे को सटीक रूप से अनुमानित करता है। यह मॉडल बाढ़ के पानी की फैलाव सीमा, उसमें मौजूद सूक्ष्मजीवों की गुणवत्ता और संक्रमण के जोखिम का एक साथ मूल्यांकन करता है, जिससे प्रभावित क्षेत्रों की शीघ्र पहचान कर समय पर बचावात्मक कदम उठाए जा सकते हैं। शोधकर्ताओं ने इस मॉडल को 2023 में दिल्ली में आई बाढ़ के डेटा के आधार पर परीक्षण किया। परिणामस्वरूप पाया गया कि बाढ़‑प्रभावित 60 प्रतिशत से अधिक क्षेत्रों को ‘उच्च’ से ‘अत्यधिक उच्च’ स्वास्थ्य जोखिम श्रेणी में वर्गीकृत किया गया। बाढ़ के पानी में मौजूद हानिकारक जीवाणु ई‑कोलाई की मात्रा सुरक्षित मानकों से लाखों गुना अधिक पाई गई। इसी संद...
(अपडेट) झाबुआ: एलपीजी टैंकर पलटने से टली संभावित आपदा

(अपडेट) झाबुआ: एलपीजी टैंकर पलटने से टली संभावित आपदा

मध्य प्रदेश, राज्य
झाबुआ, 31 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। मध्य प्रदेश के झाबुआ जिला मुख्यालय से 5 किलोमीटर दूर फूलमाल में एलपीजी से भरे टैंकर के पलटने पर कलेक्टर एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण अध्यक्ष के निर्देशन में जिला आपदा प्रबंधन योजना के अंतर्गत तत्परता, सुरक्षा और नियंत्रण उपायों की शुरुआत की गई, जिसके फलस्वरूप संभावित आपदा बिना किसी जनहानि के सफलतापूर्वक टल गई। यह महत्वपूर्ण है कि इस ऑपरेशन में पुलिस, एसडीआरएफ, सिविल डिफेंस, गेल इंडिया लिमिटेड, और नगर पालिका की फायर टीम के समन्वित प्रयासों से कार्य सुरक्षित और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। आपदा की गंभीरता को देखते हुए राजस्व विभाग, एसडीआरएफ, सिविल डिफेंस, पुलिस, गेल इंडिया लिमिटेड, और नगर पालिका की फायर टीम सहित अन्य संबंधित विभागों की टीमें तुर्कित रूप से घटनास्थल पर पहुंची। घटना के बाद एहतियातन फूलमाल चौराहे के आस-पास 800 मीटर की परिधि को संव...
इतिहास के पन्नों में 15 जनवरी : भारत–नेपाल के भीषण भूकंप की दर्दनाक याद

इतिहास के पन्नों में 15 जनवरी : भारत–नेपाल के भीषण भूकंप की दर्दनाक याद

राष्ट्रीय
बिहार, 14 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। 15 जनवरी का दिन इतिहास के पन्नों में भारत और नेपाल के लिए एक त्रासदी के रूप में दर्ज है। वर्ष 1934 में इसी दिन आए विनाशकारी भूकंप ने व्यापक तबाही मचाई थी। इस भूकंप का केंद्र भारत के बिहार क्षेत्र और नेपाल के सीमावर्ती इलाकों के आसपास था, जिसकी तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 8.4 मापी गई। भूकंप के तेज़ झटकों से शहरों और गांवों में इमारतें धराशायी हो गईं। बिहार के कई हिस्सों में सड़कें, पुल और घर पूरी तरह नष्ट हो गए, वहीं नेपाल में भी भारी जन-धन की हानि हुई। इस प्राकृतिक आपदा में अनुमानित रूप से लगभग 11 हजार लोगों की जान चली गई, जबकि असंख्य लोग घायल और बेघर हो गए। 1934 का यह भूकंप उस दौर की सबसे भयावह प्राकृतिक आपदाओं में गिना जाता है। सीमित संसाधनों और संचार व्यवस्था के अभाव के कारण राहत और बचाव कार्य भी अत्यंत कठिन रहा। इस त्रासदी ने न केवल तत्कालीन जनजीवन को...