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होमगार्ड को माह में कम से कम 22 दिन की सेवा अनिवार्य रूप से करनी जरूरी

हाईकोर्ट ने होमगार्ड्स को लेकर जारी किए 14 अनिवार्य दिशा-निर्देश

जोधपुर, 9 अक्टूबर । राजस्थान हाईकोर्ट ने होमगार्ड्स के लिए एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया है, जिसे राज्य के सुरक्षा कर्मियों के हित में बड़ा कदम माना जा रहा है। जस्टिस फरजंद अली की एकल पीठ ने हरिशंकर आचार्य व अन्य बनाम सरकार व अन्य मामले में 14 सूत्रीय दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जिनका पालन हर संबंधित अधिकारी और विभाग के लिए अनिवार्य होगा।

हाईकोर्ट ने आदेश में कहा है कि हर होमगार्ड को माह में कम से कम 22 दिन की सेवा अनिवार्य रूप से करनी होगी। इससे यह सुनिश्चित होगा कि सभी होमगार्ड समय पर अपनी जिम्मेदारियों का पालन करें। साथ ही, होमगार्ड ड्यूटी मैनेजमेंट सिस्टम के माध्यम से तैनाती में पूरी पारदर्शिता बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए हैं। कोर्ट ने साफ किया कि इससे होमगार्ड्स की ड्यूटी रिकॉर्डिंग और उनके कार्यों की निगरानी स्पष्ट होगी।

वेतन, भत्ते और महिला होमगार्ड्स की भागीदारी

आदेश में वेतन और भत्तों के भुगतान के समयबद्ध तरीके से सुनिश्चित करने का निर्देश भी दिया गया है। कोर्ट ने महिला होमगार्ड्स के उचित प्रतिनिधित्व पर जोर दिया और कहा कि उन्हें कार्यों में समान अवसर और भूमिका मिलनी चाहिए। हाईकोर्ट ने मुख्य सचिव को आदेशों के क्रियान्वयन की व्यक्तिगत जिम्मेदारी सौंपी है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि निर्देशों का पालन नहीं हुआ, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में परिवादी की ओर अधिवक्ता विकास महावार और अभिमन्यु सिंह राठौड़ और सरकार की ओर से दीपक चांडक, नरेंद्र राजपुरोहित ने पैरवी की।

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