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क्वांटम कंप्यूटिंग के दौर में प्रणालीगत सुरक्षा के लिए सेबी उठा रहा कदमः तुहिन कांत पांडेय

मुंबई, 08 अक्‍टूबर। पूंजी बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) के अध्यक्ष तुहिन कांत पांडेय ने बुधवार को कहा कि क्वांटम कंप्यूटिंग की शुरुआत से बड़ी सुरक्षा चुनौतियां उत्पन्न हो सकती हैं। उन्‍होंने कहा कि नियामक इसे ध्यान में रखते हुए पहले से ही प्रणाली को सुरक्षित बनाने की तैयारी कर रहा है।

तुहिन कांत पांडेय ने मुंबई में आयोजित ‘ग्लोबल फिनटेक फेस्ट’ 2025 को संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्‍होंने कहा कि क्वांटम कंप्यूटिंग में ऐसी प्रौद्योगिकी क्षमता है, जिससे पासवर्ड जैसे बेहद सुरक्षित माने जाने वाले सुरक्षा तंत्र भी खतरे में पड़ सकते हैं। ऐसे में जरूरी हो जाता है कि उद्योग समय रहते ‘क्वांटम सुरक्षित’ प्रणाली के लिए तैयार हो। सेबी प्रमुख ने कहा कि नियामक ने सभी विनियमित हितधारकों की ‘क्वांटम के लिए तैयारी’ सुनिश्चित करने के लिए एक कार्ययोजना तैयार की है। इस योजना के तहत तीन चरणों- खोज, तैयारी एवं क्रियान्वयन के जरिए अगले दो से चार वर्षों में सुरक्षा ढांचे को सुदृढ़ किया जाएगा। पांडेय ने कहा कि हम 2028 या 2029 को ध्यान में रखते हुए ‘क्वांटम सेफ’ कंप्यूटिंग को प्राथमिकता दे रहे हैं, ताकि उद्योग क्वांटम-सुरक्षित क्रिप्टोग्राफी की दिशा में कदम बढ़ा सके।

पांडेय ने कहा कि क्रिप्टोग्राफी का मतलब किसी संदेश, डाटा या संचार को अनधिकृत व्यक्तियों से सुरक्षित रखने की तकनीक है। उन्होंने कहा कि क्वांटम मैकेनिक्स के सिद्धांतों पर आधारित क्वांटम कंप्यूटिंग पारंपरिक कंप्यूटर की क्षमताओं से कहीं अधिक जटिल समस्याओं को सुलझाने में सक्षम होगी। उन्होंने प्रौद्योगिकी तटस्थता के मुद्दे पर कहा कि अब कागजी रूप में शेयर रखने की व्यवस्था अधिक समय तक संभव नहीं है, क्योंकि पूंजी बाजार पहले ही डिमैट प्रणाली में परिवर्तित हो चुका है।

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