ताइपे। जापान की संसद ने मंगलवार को अति रुढ़िवादी साने ताकाइची को देश की पहली महिला प्रधानमंत्री के रूप में चुना। बतौर प्रधानमंत्री पहले भाषण में ताकाइची ने कामकाज पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि मैं सभी से कह रही हूं कि काम कीजिए। एकदम घोड़े की तरह से काम कीजिए। ताकाइची ने यह बातें लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी के सदस्यों को संबोधित करते हुए यह बात कही। ताकाइची ने कहा कि मैं अपने वादे पूरी करूंगी। हम केवल सभी पीढ़ियों को आपस में जोड़कर और सभी के सहयोग से ही आगे बढ़ सकते हैं।
बिना थके काम करना होगा
जापान की नई प्रधानमंत्री ने कहा कि मैं खुद वर्क-लाइफ बैलेंस की हिमायती नहीं हूं। मैं सिर्फ काम, काम और काम करने के लिए आई हूं। उन्होंने जापान के पुननिर्माण पर जोर दिया। ताकाइची ने कहा कि बिना थके अपनी एक्सपर्टीज पर काम करना होगा। मैं भी इस दिशा में काम कर रही हूं तो आप लोग मुझे गाइड कीजिए। प्रधानमंत्री ने कुछ नीतियों को जल्द से जल्द लागू करने पर जोर दिया।
1993 में पहली बार बनीं सांसद
पूर्व ब्रिटिश प्रधानमंत्री मार्गरेट थैचर की प्रशंसक ताकाइची 1993 में पहली बार संसद के लिए चुनी गई थीं और उन्होंने कई वरिष्ठ पदों पर काम किया है। जिनमें आंतरिक मामलों और आर्थिक सुरक्षा मंत्री के पद शामिल हैं। ताकाइची के सामने अब कई चुनौतियां हैं जिनमें इस सप्ताह एक प्रमुख नीतिगत भाषण, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बातचीत और क्षेत्रीय शिखर सम्मेलन शामिल हैं। उन्हें बढ़ती कीमतों और आर्थिक असंतोष को दूर करने के लिए दिसंबर के अंत तक राहत उपाय तैयार करने होंगे।
शिंजो आबे की करीबी
वह जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे की करीबी मानी जाती हैं। वह जापान की पहली महिला प्रधानमंत्री हैं। लेकिन लैंगिक समानता और विविधता को बढ़ावा देने की उनमें कोई जल्दबाजी नहीं है। वह महिला सशक्तिकरण के उपायों का लंबे समय से विरोध करती रही हैं, वह शाही परिवार में केवल पुरुष उत्तराधिकार का समर्थन करती हैं। साथ ही सेम सेक्स मैरिज और विवाहित दंपतियों के अलग उपनाम रखने के अधिकार के खिलाफ हैं।
