भोपाल, 12 अक्टूबर। मध्य प्रदेश के अपर मुख्य सचिव पर्यटन एवं संस्कृति तथा प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड शिवशेखर शुक्ला ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य एक ऐसा सशक्त और गतिशील इकोसिस्टम विकसित करना है, जो पर्यटन और व्यापार को एकीकृत करे तथा निवेशकों के लिए अधिकतम अनुकूल वातावरण तैयार करे। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश अब ‘हिडन जेम’ से ‘ग्लोबल आइकन’ बनने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।

वे रविवार को राजधानी भोपाल स्थित कुशभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर में आयोजित मध्य प्रदेश ट्रैवल मार्ट के दूसरे दिन पर्यटन की संभावनाओं पर केंद्रित पहले पैनल डिस्कशन में बोल रहे थे। “मध्य प्रदेश: हिडन जेम से ग्लोबल आइकन तक” विषय पर आयोजित इस चर्चा में देशभर के विशेषज्ञों और पर्यटन उद्योग से जुड़े प्रतिनिधियों ने अपने विचार साझा किए।
शिवशेखर शुक्ला ने कहा कि मध्य प्रदेश एक उत्कृष्ट पर्यटन गंतव्य बन चुका है, जो विरासत, वन्यजीव, संस्कृति और आतिथ्य के अनोखे अनुभव प्रदान करता है। उन्होंने बताया कि राज्य में प्रक्रियाओं को सरल बनाने और निवेश के लिए अनुकूल माहौल तैयार करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि निवेशकों और प्रदेश दोनों को समान रूप से लाभ मिल सके।
उन्होंने बताया कि एमपी ट्रैवल मार्ट में दो दिनों में लगभग 4,000 बी-टू-बी बैठकें तय की गई हैं, जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मध्यप्रदेश की पर्यटन क्षमता में बढ़ते विश्वास को दर्शाती हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस आयोजन को वार्षिक मंच के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया है, जिससे पर्यटन क्षेत्र में निरंतर संवाद, साझेदारी और नवाचार को बढ़ावा मिलेगा।
एयर इंडिया लिमिटेड के हेड ऑफ सेल्स मनीष पुरी ने कहा कि एयर इंडिया टियर-3 शहरों को जोड़ने और अंतिम मील कनेक्टिविटी सुधारने के लिए लगातार काम कर रही है। बेहतर हवाई संपर्क मध्यप्रदेश के पर्यटन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा।
इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड (आईएचसीएल) के कार्यकारी उपाध्यक्ष परवीन चंदर कुमार ने कहा कि मध्यप्रदेश के साथ उनकी यात्रा “दृष्टि, संबंध और क्रियान्वयन” पर आधारित है। उन्होंने बताया कि भारत का पहला लग्ज़री सफारी अनुभव आईएचसीएल ने मध्यप्रदेश में ही शुरू किया था। वर्तमान में कंपनी के राज्य में नौ होटल संचालित हैं और आठ अन्य निर्माणाधीन हैं।
सेरेनडिपिटी लेक्स एंड रिज़ॉर्ट्स प्रा. लि. के प्रबंध निदेशक डॉ. सुधीर बाबुलकर ने कहा कि मध्यप्रदेश एक ऐसा मॉडल प्रस्तुत करता है, जहां समुदाय विकास का केंद्र है। इस साझेदारी का उद्देश्य स्थानीय क्षमताओं को सुदृढ़ कर आजीविका बढ़ाना और राज्य के समावेशी विकास में योगदान देना है।
इंडियन एसोसिएशन ऑफ टूर ऑपरेटर्स (आईएटीओ) के अध्यक्ष रवि गोसाईं ने कहा कि मध्यप्रदेश ने पर्यटन के क्षेत्र में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय पहचान बनाई है। मध्य प्रदेश ट्रैवल मार्ट विदेशी टूर ऑपरेटरों को जोड़ने और वैश्विक साझेदारियों को सशक्त करने का उत्कृष्ट मंच है।
एमपी इकोटूरिज्म डेवलपमेंट बोर्ड के सीईओ एल. कृष्णमूर्ति ने कहा कि मध्यप्रदेश भारत का ‘वाइल्डलाइफ स्टेट’ कहलाता है, जहां टाइगर रिज़र्व से प्राप्त राजस्व को वन्यजीव संरक्षण और स्थानीय समुदायों के विकास में लगाया जाता है। राज्य में अब ट्रेकिंग, कयाकिंग और कैंपिंग जैसी गतिविधियाँ भी तेजी से लोकप्रिय हो रही हैं।
द पोस्टकार्ड होटल के सह-संस्थापक अनिरुद्ध कांडपाल ने बताया कि उनका समूह कान्हा और पेंच में अल्ट्रा-लक्ज़री वाइल्डलाइफ लॉज स्थापित करने की योजना पर काम कर रहा है।
यात्रा डॉट कॉम के राकेश कुमार राणा ने कहा कि डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म राज्य के सभी पर्यटन आकर्षणों—वन्यजीव, संस्कृति, विरासत और अध्यात्म—को एक ही स्थान पर सुलभ बनाएंगे।
ट्रैवल एजेंट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (टीएएएआई) के चेयरमैन राजन सहगल ने कहा कि मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड के सहयोग से सांची के पास गोल्फ कोर्स विकसित किया जा रहा है, जिससे राज्य में गोल्फ पर्यटन को नई पहचान मिलेगी।
सत्र का संचालन टूरिज्म फ्यूचर डॉट एआई के फ्यूचरिस्टिक ऑफिसर नवीन कुंडू ने किया।
