नई दिल्ली, 12 अक्टूबर।
टेस्टोस्टेरोन पुरुषों के शरीर का एक महत्वपूर्ण हार्मोन है, जो मांसपेशियों, हड्डियों, आत्मविश्वास और यौन स्वास्थ्य को नियंत्रित करता है। आधुनिक जीवनशैली, तनाव, नींद की कमी और खराब खानपान के कारण युवाओं में भी इसका स्तर घटने लगा है।
डीपीयू प्राइवेट सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के मनोरोग विभाग के प्रमुख डॉ. सुप्रकाश चौधरी का कहना है कि आज की सामाजिक अपेक्षाएं पुरुषों पर मानसिक दबाव डालती हैं, जिससे उनका हार्मोनल संतुलन और मानसिक स्वास्थ्य प्रभावित होता है। कम टेस्टोस्टेरोन के कारण थकान, अवसाद, हड्डियों की कमजोरी और यौन इच्छा में कमी जैसी समस्याएं देखी जाती हैं।

- नियमित व्यायाम करें:
नियमित कार्डियो और वेट ट्रेनिंग टेस्टोस्टेरोन को प्राकृतिक रूप से बढ़ाने में मदद करती है। - पेट की चर्बी घटाएं:
बेली फैट टेस्टोस्टेरोन को एस्ट्रोजेन में बदल देता है, इसलिए संतुलित आहार और नियमित व्यायाम से इसे नियंत्रित रखें। - डायबिटीज पर नियंत्रण रखें:
डायबिटीज वाले पुरुषों में हार्मोन का स्तर कम पाया जाता है। कम शुगर और अधिक फाइबर वाला भोजन मददगार है। - पर्याप्त नींद लें:
हर दिन कम से कम 7-8 घंटे की नींद जरूरी है। खराब नींद से टेस्टोस्टेरोन का स्तर घटता है। - शराब और तंबाकू से दूरी रखें:
शराब और सिगरेट हार्मोनल संतुलन को बिगाड़ देते हैं। इनसे परहेज करना जरूरी है। - तनाव कम करें:
लगातार तनाव रहने से कॉर्टिसोल हार्मोन बढ़ता है जो टेस्टोस्टेरोन को कम करता है। योग और मेडिटेशन तनाव कम करने में मदद करते हैं। - संतुलित आहार लें:
प्रोसेस्ड फूड से बचें। अपने आहार में प्रोटीन, फल, सब्जियां, नट्स और साबुत अनाज शामिल करें।
विशेषज्ञों का कहना है कि जरूरत से ज्यादा टेस्टोस्टेरोन भी नुकसानदायक हो सकता है। इससे हृदय रोग, लीवर डैमेज, मूड स्विंग, मुंहासे और स्लीप एप्निया जैसी समस्याएं हो सकती हैं। किसी भी प्रकार के सप्लीमेंट या हार्मोन ट्रीटमेंट के लिए डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
अस्वीकरण: यह लेख सार्वजनिक जानकारी और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है। किसी भी स्वास्थ्य निर्णय से पहले चिकित्सक से परामर्श अवश्य करें।
