वॉशिंगटन। अमेरिकी सेंट्रल कमांड यानी सेंटकॉम (American Central Command – CENTCOM) ने शनिवार को कहा कि ईरान (Iran) के खिलाफ जारी अमेरिकी नाकेबंदी (American Blockade) के तहत 53 वाणिज्यिक जहाजों का रास्ता बदला गया है। कमांड के मुताबिक, दो जहाजों को निष्क्रिय किया गया और दो अन्य पर चढ़ाई की गई। वहीं, 30 से ज्यादा जहाजों को मानवीय सहायता के लिए नाकेबंदी से गुजरने की अनुमति दी गई।
सेंटकॉम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए बताया कि 8 अगस्त तक अमेरिकी बलों ने 53 वाणिज्यिक जहाजों का रास्ता बदला। इसके अलावा दो जहाजों को निष्क्रिय किया गया और दो अन्य पर चढ़ाई की गई। कमांड ने कहा कि मानवीय सहायता ले जा रहे 30 से अधिक जहाजों को नाकेबंदी से गुजरने की अनुमति दी गई है।
सेंटकॉम ने इस दौरान यूएसएस अब्राहम लिंकन पर तैनात एफ/ए-18ई सुपर हॉर्नेट विमानों की भी जानकारी साझा की। अमेरिकी नौसैनिक इन विमानों का रखरखाव कर रहे हैं, ताकि कैरियर स्ट्राइक ग्रुप अपने मिशन के लिए तैयार रहे।
क्या अमेरिका ने पहले भी जहाजों की आवाजाही रोकी थी?
सेंटकॉम ने इससे पहले भी ईरान की नाकेबंदी के दौरान जहाजों की आवाजाही को लेकर आंकड़े साझा किए थे। एक पोस्ट में कमांड ने बताया था कि 2 अगस्त तक 35 वाणिज्यिक जहाजों का रास्ता बदला गया, दो को निष्क्रिय किया गया और दो पर चढ़ाई की गई। इस दौरान अमेरिकी नौसैनिक बलों की ओर से नाकेबंदी लागू करने की कार्रवाई जारी रहने की बात कही गई थी। सेंटकॉम ने अरब सागर से गुजर रहे यूएसएस अब्राहम लिंकन से अमेरिकी मरीन कॉर्प्स के एफ-35सी स्टील्थ लड़ाकू विमान के उड़ान भरने का वीडियो भी साझा किया था।
क्या होर्मुज से वाणिज्यिक जहाजों के लिए सुरक्षित रास्ता बनाने की तैयारी है?
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा है कि वाशिंगटन स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षित आवाजाही के लिए एक रास्ता बनाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही ईरान पर दबाव भी जारी रखा जाएगा। वेंस के मुताबिक, प्रस्तावित व्यवस्था में ईरान की ओर से वाणिज्यिक जहाजों पर हमला नहीं करने की प्रतिबद्धता शामिल है। उन्होंने कहा कि तेहरान ने वाशिंगटन को बताया है कि वह होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल की अधिकतम मात्रा के प्रवाह की अनुमति देगा, लेकिन अमेरिका को इस पर भरोसा नहीं है।
क्या अमेरिका होर्मुज से तेल और गैस की आवाजाही बढ़ाना चाहता है?
जेडी वेंस ने कहा कि अमेरिका होर्मुज जलडमरूमध्य से निकलने वाले तेल और गैस की मात्रा को अधिकतम करने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि वाशिंगटन ईरान पर दबाव बनाए रखेगा और साथ ही क्षेत्र से तेल और गैस की अधिकतम मात्रा बाहर निकालने की कोशिश करेगा। वेंस ने यह भी कहा कि अमेरिका अब यह आकलन कर रहा है कि ईरान अमेरिका के साथ बेहतर संबंधों के लिए जरूरी दीर्घकालिक बदलाव करने को तैयार है या नहीं।
क्या अमेरिका ईरान पर दबाव बनाए रखेगा?
वेंस ने कहा कि अमेरिका ईरान पर दबाव जारी रखेगा। उनके मुताबिक, वाशिंगटन ईरान के साथ अपने संबंधों में व्यापक बदलाव चाहता है। उन्होंने कहा कि अमेरिका अब यह देख रहा है कि ईरान ऐसे दीर्घकालिक बदलाव करने के लिए तैयार है या नहीं, जो दोनों देशों के बीच बेहतर संबंधों के लिए जरूरी होंगे। इस बीच सेंटकॉम की ओर से ईरान के खिलाफ नाकेबंदी लागू करने की कार्रवाई जारी है।
