नई दिल्ली। देशभर में NEET परीक्षा में हालिया पेपर लीक को लेकर लोगों के बीच गुस्सा उबाल पर है। दिल्ली के जंतर मंतर पर पिछले एक महीने से विरोध प्रदर्शन जारी है। अब इस परीक्षा को लेकर थलपति विजय की TVK ने एक मांग की है।
NEET परीक्षा में हुए पेपर लीक को लेकर दिल्ली में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय भी छात्रों के समर्थन में खड़े नजर आ रहे हैं। तमिल सिनेमा के ‘थलपति’ विजय की पार्टी तमिझगा वेत्री कज़गम (TVK) ने नीट परीक्षा को लेकर एक अलग ही मांग कर दी है। मेडिकल की तैयारी कर रहे छात्रों के हक में आवाज बुलंद करते हुए TVK ने मंगलवार को कहा है कि नीट में होने वाली धांधली को रोकना ही काफी नहीं है, बल्कि इस पूरी प्रवेश परीक्षा को ही हमेशा के लिए खत्म कर दिया जाना चाहिए।
छात्रों के भविष्य और राज्यों के अधिकारों का हवाला देते हुए TVK ने संविधान में बड़े बदलाव की मांग भी उठाई है। पार्टी का मानना है कि इस समस्या के पक्के समाधान के लिए शिक्षा को संविधान की समवर्ती सूची यानी कॉन्करेंट लिस्ट से हटाकर राज्य सूची में ट्रांसफर कर दिया जाना चाहिए। पार्टी ने कहा कि अगर ऐसा करने में कोई कानूनी अड़चन आती है, तो एक अंतरिम उपाय के तौर पर ‘विशेष समवर्ती सूची’ बनाई जाए। इससे राज्य सरकारों को मेडिकल एजुकेशन पर पूरा अधिकार मिल सकेगा। पार्टी ने जोर देकर कहा, “यह स्थायी और अंतरिम दोनों तरह का हमारा विजन है। इस समाधान को हमारे मुख्यमंत्री विजय पहले ही रेखांकित कर चुके हैं।”
DMK पर निशाना
इस दौरान राज्य की प्रमुख विपक्षी दल डीएमके पर तंज कसते हुए TVK ने कहा कि उनकी पार्टी छात्रों और जनता के साथ धोखे की राजनीति नहीं करती। पार्टी ने कहा कि वे वोटों के लिए यह झूठा दावा कभी नहीं करेंगे कि “हम खुद नीट रद्द कर देंगे।” गौरतलब है कि डीएमके ने 2021 के विधानसभा चुनाव से पहले वादा किया था कि सत्ता में आते ही तमिलनाडु में नीट खत्म कर दिया जाएगा।
विजय ने की धरना देने वाले रैपर से मुलाकात
इस बीच विजय ने मंगलवार को नीट के खिलाफ धरना देने वाले रैपर ‘थेरुकुरल’ अरिवु से मुलाकात की। अरिवु ने नीट परीक्षा के विरोध में यहां तमिलनाडु सचिवालय के बाहर धरना दिया था। सचिवालय में तैनात पुलिसकर्मियों ने शुरुआत में अरिवु को धरनास्थल से हटाया, लेकिन बाद में मुख्यमंत्री विजय के निर्देश पर उन्हें सचिवालय के अंदर ले जाया गया। यहां विजय ने उनसे मुलाकात की
सूत्रों के मुताबिक इस मुलाकात के दौरान अरिवु ने राष्ट्रीय स्तर की इस प्रवेश परीक्षा को लेकर अपनी चिंताएं व्यक्त कीं। बता दें कि तमिलनाडु की सरकार नीट को खत्म करने की वकालत करती रही है। सरकार की मांग है कि तमिलनाडु के मेडिकल कॉलेजों में दाखिला उम्मीदवारों के 12वीं कक्षा के अंकों के आधार पर ही किया जाना चाहिए।
