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नदी की तलहटी से खनन कर वाहन सडक़ों पर कर रहे रेत का परिवहन


  • मुरैना। मध्‍य प्रदेश के मुरैना जिले में वन आरक्षक की मृत्यु के बाद टास्कफोर्स द्वारा नदी की तलहटी में एकत्रित रेत को विनिष्टीकरण की कार्यवाही औपचारिकता का निर्वहन माना जा रहा है। क्योंकि अभी भी देर सुबह तथा रात को चम्बल नदी की तलहटी से खनन कर परिवहन करने वाले सैकड़ों वाहन सडक़ों पर फर्राटा भरते दिखाई दे रहे हैं। इन वाहनों को कड़ाई से रोकने पर ही रेत का अवैध खनन बंद होने की संभावना बन सकती है। विभाग द्वारा चम्बल रेत के वाहनों को पकडऩे की योजना भविष्य में बनाये जाने की संभावना है।
    वन विभाग का दावा है कि दो दिवस के दौरान लगभग 3 करोड़ रूपये की बाजारू कीमत का 12 हजार ट्रॉली से अधिक रेत विनष्ट कर दिया है। जिला टास्कफोर्स के नेतृत्व में प्रशासन, पुलिस, राजस्व, वन तथा खनिज विभाग द्वारा संयुक्त रूप से अभियान चम्बल नदी के रेत घाटों पर संचालित किया जा रहा है।
    जिला कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ द्वारा बैठक में दिये निर्देश के पश्चात यह कार्यवाही आज तीसरे दिन भी जारी है। पहले दिन राजघाट होलापुरा, नगरा घाट पर कार्यवाही की गई। वहीं दूसरे दिवस रायपुर, बरोठा तथा रहू का घाट जहां कार्यवाही की गई वहीं आज बनवारा, रहू का घाट, टेंटरा के घाट पर रेत का विनष्टीकरण किया जा रहा है।
    चम्बल नदी के 435 किलोमीटर क्षेत्र में राष्ट्रीय चम्बल घडिय़ाल अभ्यारण्य बना हुआ है। लगभग 45 वर्ष के दौरान अनेक बार रेत का अवैध उत्खनन कर परिवहन करने वालों से टास्कफोर्स का आमना-सामना हुआ है। अभी तक आधा दर्जन से अधिक घाट पर हो रही कार्यवाही को आम लोग दबी जुवान से औपचारिक बता रहे हैं, हालांकि सबलगढ़ के टेंटरा से लेकर मुरैना के अम्बाह-पोरसा तक दो दर्जन से अधिक नदीघाट पर अत्यधिक मात्रा में रेत पाया जाता है। इस रेत को एकत्रित कर स्थानीय दबंग लोग निजी कृषि वाहन में भरकर परिवहन करते हैं। इससे घडियाल का जीवन संकट में आ जाता है। इन नदीघाट पर वाहन का आवागमन रोकने के लिये गहरी-गहरी खाईयां मार्गों पर खोदी जा रही है। यह कार्य लगभग आधा दर्जन से अधिक जेसीबी व लोडर मशीनों के माध्यम से किया जा रहा है। बहरहाल वन अधिकारी इस कार्यवाही को निरंतर किये जाने का भरोसा जता रहे हैं। आमजन वन विभाग की इस कार्यवाही पर लम्बे समय तक संचालित होने पर प्रश्नचिन्ह लगा रहे हैं।

जिला मुरैना राष्ट्रीय चम्बल घडिय़ाल अभ्यारण्य केन्द्र देवरी अधीक्षक श्यामसिंह चौहान का कहना है कि तीन दिवस में आधा दर्जन से अधिक जेसीबी व लोडर से रेत विनष्टीकरण की कार्यवाही नदी घाट पर की जा रही है, यह निरंतर जारी रहेगी।

जेसीबी चालक नरोतीलाल का कहना है कि धौलपुर राजस्था से जेसीबी किराये पर ली गई है। इससे चम्बल नदी के तट पर रेत फैलाया जा रहा है। सुबह से लेकर देर शाम तक जेसीबी से रेत फैलाया जा रहा है।

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