
भोपाल, 01 फरवरी (प्रेस ब्यूरो)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जो हम सबके अन्नदाता हैं, उनके दुख-दर्द की चिंता करना हमारा कर्तव्य है। किसानों का समग्र कल्याण राज्य सरकार की प्राथमिकता है। यह सरकार के लिए एक मिशन है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शनिवार को भोपाल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी कमिश्नर्स और कलेक्टर्स को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार ने वर्ष 2026 को कृषक कल्याण वर्ष घोषित किया है। किसानों का जीवन संवारने और इनकी बेहतरी के लिए पूर्ण समर्पित भाव से मिशन मोड में कृषक कल्याण वर्ष का प्रभावकारी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने कहा कि किसानों के जीवन में खुशहाली लाने के लिए विशेष प्रयास किए जाएं, स्थानीय सांसद/विधायक एवं अन्य जनप्रतिनिधियों से किसान रथ का शुभारंभ कराया जाए। कृषक कल्याण वर्ष में विभिन्न स्थानों पर किसानों से निरंतर संवाद किया जाए और उन्हें ग्रीष्मकालीन मूंग के स्थान पर अधिकाधिक रकबे में मूंगफली और उड़द की फसल लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाए।
मुख्यमंत्री ने प्राकृतिक एवं जैविक खेती को प्रोत्साहित करने का भी निर्देश दिया और जलवायु, ऊर्जा एवं सतत् कृषि को बढ़ावा देने के लिए उपाय करने की बात कही।

पराली/नरवाई जलाने की घटनाओं पर सख्त रोक लगाने की आवश्यकता पर बल देते हुए, डॉ. यादव ने कहा कि सभी कलेक्टर्स अपने-अपने जिले में पराली/नरवाई जलाने की घटनाओं पर सख्ती से रोक लगाएं और प्रबंधन योजना बनाएं।
मुख्यमंत्री ने सभी कलेक्टर्स को निर्देशित किया कि वे दुग्ध उत्पादन में वृद्धि के लिए समन्वित प्रयास करें और पशुपालकों को नस्ल सुधार एवं पशु पोषण के लाभ के बारे में जागरूक करें। उन्होंने बताया कि मत्स्य बीज उत्पादन के लिए जिला स्तर पर अधिक प्रक्षेत्र विकसित करने और नगरीय निकाय क्षेत्र में फिश पार्लर स्थापित करने के आदेश भी दिए।
कृषक कल्याण वर्ष के तहत तय की गई योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए, मुख्यमंत्री ने कहा कि फरवरी में कोदो-कुटकी का बोनस वितरण कार्यक्रम और मार्च में राज्य स्तरीय सहकारिता सम्मेलन आयोजित किया जाएगा।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री एदल सिंह कंषाना, मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल, प्रमुख सचिव उमाकांत उमराव, प्रमुख सचिव D.P. आहूजा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
