
भोपाल, 01 फरवरी (प्रेस ब्यूरो)। मध्य प्रदेश भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संगठनात्मक ढांचे में एक बड़ा और महत्वपूर्ण बदलाव सामने आया है। प्रदेश भाजपा के संगठन महामंत्री रहे हितानंद शर्मा की राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में वापसी हुई है। उन्हें संघ में मध्य क्षेत्र का सह-बौद्धिक प्रमुख नियुक्त किया गया है। इस नई जिम्मेदारी के तहत वे मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के वैचारिक और बौद्धिक गतिविधियों का मार्गदर्शन करेंगे। नई जिम्मेदारी में उनका मुख्यालय जबलपुर रहेगा।
संगठनात्मक रणनीति के तहत किया गया बदलाव
जानकारी के अनुसार यह फेरबदल पूरी तरह से संगठनात्मक रणनीति के तहत किया गया है। हितानंद शर्मा ने लगभग चार वर्षों तक मध्य प्रदेश भाजपा के संगठन महामंत्री के रूप में काम किया। वर्ष 2020 में उन्हें प्रदेश का सह-संगठन महामंत्री बनाया गया था और 2022 में वे सुहास भगत के स्थान पर प्रदेश संगठन महामंत्री बने। इस दौरान उन्होंने संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने पर विशेष जोर दिया। उनके कार्यकाल में भाजपा संगठनात्मक मजबूती हासिल करने के साथ ही चुनावी मोर्चे पर भी ऐतिहासिक सफलता दर्ज करने में सफल रही।
चुनावी सफलताओं में अहम भूमिका
हितानंद शर्मा के संगठन महामंत्री रहते हुए भाजपा ने विधानसभा चुनाव में प्रचंड जीत दर्ज की और इसके बाद हुए लोकसभा चुनाव में प्रदेश की सभी 29 सीटों पर विजय हासिल की। इन सफलताओं के पीछे उनकी पर्दे के पीछे रहकर की गई माइक्रो-मैनेजमेंट रणनीति को महत्वपूर्ण माना जाता है। बूथ सशक्तिकरण अभियान, पन्ना प्रमुख व्यवस्था और डेटा आधारित निगरानी प्रणाली को उन्होंने प्रभावी ढंग से लागू किया। तकनीकी नवाचारों का उपयोग भाजपा संगठन में उनके कार्यकाल की एक बड़ी विशेषता रही।
संघ पृष्ठभूमि और मजबूत पकड़
मूल रूप से अशोकनगर (चंबल क्षेत्र) के रहने वाले हितानंद शर्मा की पहचान एक अनुशासित और समर्पित संघ कार्यकर्ता के रूप में रही है। वे लंबे समय तक विद्या भारती संगठन से जुड़े रहे और लगभग 10 वर्षों तक शैक्षणिक व सांस्कृतिक गतिविधियों का संचालन किया। इससे पहले वे तहसील प्रचारक, जिला प्रचारक और विभाग प्रचारक जैसे दायित्व भी निभा चुके हैं। यही कारण है कि संघ और भाजपा दोनों संगठनों में उनकी पकड़ मजबूत मानी जाती है, खासकर ग्वालियर-चंबल अंचल में।
तीन प्रचारकों की जिम्मेदारियों में भी बदलाव
हितानंद शर्मा के साथ ही संघ ने तीन अन्य प्रचारकों की जिम्मेदारियों में भी बदलाव किया है। सुरेंद्र मिश्रा को अब पूर्व सैनिक सेवा परिषद की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जहां वे सैनिकों और पूर्व सैनिकों से जुड़े संगठनात्मक कार्य देखेंगे। मुकेश त्यागी को ग्राहक पंचायत की जिम्मेदारी दी गई है, जो उपभोक्ता जागरूकता और स्वदेशी अभियान से जुड़ा संगठन है। वहीं ब्रजकिशोर भार्गव को क्षेत्र गो सेवा प्रमुख बनाया गया है, जहां वे गो-संरक्षण और उससे जुड़े सामाजिक अभियानों का नेतृत्व करेंगे।
उल्लेखनीय है कि हितानंद शर्मा की नई जिम्मेदारी तय होने के बाद अब नए संगठन मंत्री की दरकार भाजपा को है, फिलहाल पार्टी की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। संगठन के भीतर कई नामों को लेकर अटकलें तेज हैं, लेकिन अंतिम निर्णय शीर्ष नेतृत्व द्वारा ही लिया जाएगा। माना जा रहा है कि यह फैसला आगामी चुनावी और संगठनात्मक जरूरतों को ध्यान में रखकर किया जाएगा।
