
प्रयागराज, 18 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। बांग्लादेश में हिन्दुओं के साथ ही अन्य गैर-मुस्लिम समुदाय भी अत्याचार का शिकार हो रहे हैं। विश्व मानवाधिकार समुदाय इस पर चुप्पी साधे हुए है। ऐसी विकट स्थिति में केंद्र की मोदी सरकार को आगे आकर आवाज उठानी चाहिए। यदि स्थिति में सुधार नहीं होता है, तो सेना भेजकर सनातनियों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए। यह बात रविवार को ‘हिन्दुस्थान समाचार’ से मौनी अमावस्या के अवसर पर माघ मेला के शंकराचार्य मार्ग स्थित शिविर में काशी सुमेरु पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती ने कही।
उन्होंने आगे बताया कि बांग्लादेश में सनातनियों की जनसंख्या लगभग एक करोड़ दस लाख है। उनकी सुरक्षा के लिए पांच लाख हथियारबंद लोगों को तैयार करना आवश्यक है, तभी हिन्दुओं का अस्तित्व सुरक्षित रह पाएगा। इसके साथ ही, बांग्लादेश में मौजूद गैर मुस्लिम ईसाई, यहूदी, बौद्ध तथा अन्य अल्पसंख्यकों को भी खुली धमकियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार ने ठोस कदम नहीं उठाया, तो विश्व के सनातन धर्म के रक्षक सैनिक, नागा संन्यासी, और साधु-संत बांग्लादेश कूच करने के लिए मजबूर हो जाएंगे।
