
पटना, 17 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। राजधानी पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में नीट की तैयारी कर रही छात्रा की संदिग्ध मौत मामले में विशेष जांच दल (एसआईटी) ने अपनी जांच तेज कर दी है। घटना को लेकर पटना पुलिस और सरकार पर उठ रहे सवालों के बीच पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) विनय कुमार ने एसआईटी का गठन किया है, जिसकी कमान पटना के आईजी जितेंद्र राणा ने खुद संभाल ली है।
गठित एसआईटी में सिटी एसपी (पूर्वी) परिचय कुमार के साथ एक महिला डीएसपी, एक महिला इंस्पेक्टर, एक पुरुष इंस्पेक्टर, एक सब-इंस्पेक्टर, एक एएसआई और कांस्टेबल शामिल हैं।
एसआईटी ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पटना आईजी पूरे अनुसंधान पर कड़ी निगरानी रख रहे हैं, ताकि किसी भी स्तर पर लापरवाही या साक्ष्यों से छेड़छाड़ की गुंजाइश न रहे।
शनिवार की सुबह आईजी जितेंद्र राणा खुद शंभू हॉस्टल पहुंचे और घटनास्थल की बारिकी से जांच की। आईजी ने एसआईटी को जरूरी दिशा निर्देश दिए हैं और कहा है कि मामले में जो भी लोग दोषी पाए जाएंगे उन्हें किसी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
बीते दिनों पटना के चित्रगुप्त नगर इलाके में स्थित शंभू गर्ल्स हॉस्टल के कमरे से जहानाबाद की मेडिकल परीक्षा की तैयारी करने वाली छात्रा को बेहोशी की हालत में बरामद किया गया था। जिसके बाद उसे आनन-फानन में अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया था।
परिजन ने आरोप लगाया था कि लड़की के साथ दुष्कर्म की घटना हुई है। हालांकि पटना पुलिस के एएसपी और खुद पटना के एसएसपी इस बात को मानने के लिए तैयार नहीं थे और पोस्टमार्टम रिपोर्ट की दुहाई देते रहे। आखिरकार पोस्टमार्टम रिपोर्ट आई और उस रिपोर्ट में छात्रा के साथ यौन उत्पीड़न की आशंका जताई गई।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद पटना पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे तो गृहमंत्री सम्राट चौधरी के निर्देश पर डीजीपी विनय कुमार ने एसआईटी का गठन किया। गृह मंत्री के निर्देश पर डीजीपी ने आईजी पटना जितेन्द्र राणा के नेतृत्व में विशेष जांच टीम के गठन का आदेश दिया।
