
नई दिल्ली, 14 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। ‘कैंपस टू मार्केट – दिल्ली स्टार्टअप युवा फेस्टिवल 2026’ का शुभारंभ आज किया गया। यह कार्यक्रम दिल्ली सरकार के प्रशिक्षण एवं तकनीकी शिक्षा निदेशालय (डीटीटीई) की ओर से आयोजित किया जा रहा है। इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्रीजयंत चौधरी और मुख्यमंत्रीरेखा गुप्ता ने विश्वविद्यालयों, कॉलेजों और तकनीकी संस्थानों से आए युवा इनोवेटर्स, शिक्षकों, निवेशकों और स्टार्टअप संस्थापकों से संवाद किया और छात्र-नेतृत्व वाले इनोवेशन की प्रदर्शनी का अवलोकन किया।
केंद्रीय राज्यमंत्रीजयंत चौधरी और मुख्यमंत्रीरेखा गुप्ता ने स्टार्टअप प्रदर्शनी में प्रस्तुत विभिन्न इनोवेशन, प्रोटोटाइप्स और बिजनेस मॉडलों को देखा और युवा उद्यमियों की रचनात्मकता, समस्या-समाधान क्षमता और तकनीकी दृष्टिकोण की सराहना की। उन्होंने कई छात्र टीमों से उनके स्टार्टअप आइडियाज, मार्केट स्ट्रेटेजी और सामाजिक प्रभावों पर विस्तार से चर्चा की।
उन्होंने युवा उद्यमियों को इनोवेशन को वास्तविक समाधान में बदलने के लिए लगातार मार्गदर्शन और सहयोग का आश्वासन दिया।
इस अवसर पर दिल्ली सरकार के कैबिनेट मंत्रीआशीष सूद सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहे।
जयंत चौधरी ने कहा किभारत युवा देश है और हमारे पास युवाओं की बड़ी ताकत है। इसी वजह से हमारे काम करने की क्षमता बहुत अधिक है, लेकिन इस युवा शक्ति का सही फायदा तभी मिलेगा, जब हम युवाओं को आगे बढ़ने के मौके दें, उनकी प्रतिभा पहचानें और उनके कौशल को निखारें। उन्होंने कहा कि पहले हमारी शिक्षा व्यवस्था ऐसी थी कि जो बच्चे पढ़ाई के पारंपरिक ढांचे में फिट नहीं बैठते थे, उनके लिए स्कूल और कॉलेज के रास्ते लगभग बंद हो जाते थे। विश्वविद्यालयों में भी सिर्फ किताबी पढ़ाई पर ही जोर दिया जाता था। अब प्रधानमंत्रीनरेन्द्र मोदी के विजन औरराष्ट्रीय शिक्षा नीति के जरिए इस सोच को बदला जा रहा है।
मुख्यमंत्रीरेखा गुप्ता ने कहा कि आज का युवा केवल ‘जॉब सीकर’ नहीं, बल्कि ‘जॉब क्रिएटर’ बन रहा है। उन्होंने बताया कि दिल्ली के छात्र-स्टार्टअप्स में असाधारण रचनात्मकता और इनोवेशन की क्षमता दिखाई दे रही है। यह वर्तमान समय की सामाजिक, पर्यावरणीय और तकनीकी चुनौतियों के व्यावहारिक समाधान पेश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्रीमोदी के नेतृत्व में देश में स्टार्टअप और इनोवेशन का मजबूत इकोसिस्टम विकसित हुआ है।
दिल्ली के शिक्षा मंत्रीआशीष सूद ने कहा कि पहले दिल्ली में स्टार्टअप्स तो थे, लेकिन वे बिखरे हुए थे। न कोई स्पष्ट स्टार्टअप नीति थी और न ही छात्रों को उद्योग, मेंटर्स और निवेशकों से जोड़ने की व्यवस्थित व्यवस्था। अब यह सोच पूरी तरह बदल चुकी है।
उन्होंने बताया कि स्टार्टअप युवा फेस्टिवल इस बदलाव का उदाहरण है। इसके तहत पहली बार11 विश्वविद्यालयों,12 कॉलेजों और19 आईटीआई को एक मंच पर जोड़ा गया है। ‘कैंपस टू मार्केट’ को अब व्यवस्थित रूप से लागू किया गया है, जिससे छात्रों को मेंटरशिप, फंडिंग और बाजार तक पहुंच मिल रही है। वर्तमान में75,000 से अधिक छात्र और युवा उद्यमिता कार्यक्रमों से जुड़े हैं।
शिक्षा मंत्री ने बताया कि स्कूल स्तर पर एनईईईवी पाठ्यक्रम के तहत5,000 छात्र टीमों को20,000 रुपये प्रति टीम की सहायता दी गई है। साथ ही स्टार्टअप युवा फेस्टिवल में शीर्ष6 स्टार्टअप्स को10 लाख रुपये की इक्विटी-फ्री ग्रांट और शीर्ष100 को1 लाख रुपये की मदद दी जा रही है।
‘स्टार्टअप युवा फेस्टिवल 2026’ दिल्ली सरकार का प्रमुख कार्यक्रम है, जिसका लक्ष्य दिल्ली को ‘स्टार्टअप कैपिटल ऑफ इंडिया’ के रूप में स्थापित करना है। इसका उद्देश्य शैक्षणिक संस्थानों में विकसित इनोवेशन को व्यावसायिक और टिकाऊ उद्यमों में बदलना है।
