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आज भारत में 33 करोड़ कनेक्शन वाला देशव्यापी एलपीजी सिस्टमः हरदीप पुरी

नई दिल्‍ली, 14 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। केंद्रीय पेट्रोलियम एवं नेचुरल गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने सोशल मीडिया के जरिए भारत की स्वच्छ तरीके से खाना पकाने के पहल के सकारात्मक और व्यापक प्रभाव को रेखांकित किया। उन्‍होंने कहा कि साफ-सुथरा खाना पकाना तभी काम करता है जब इसका रेगुलर इस्तेमाल किया जाए। पेट्रोलियम मंत्री ने कहा कि आज भारत में 33 करोड़ कनेक्शन वाला देशव्यापी एलपीजी सिस्टम है।

हरदीप सिंह पुरी ने बुधवार को ‘एक्‍स’ पोस्‍ट पर भारत की क्लीन कुकिंग पहलों के बड़े बदलाव लाने वाले असर पर बात की। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इस योजना की असली सफलता सिर्फ दिए गए कनेक्शन की संख्या में नहीं बल्कि लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) के रेगुलर इस्तेमाल में है। मंत्री ने बताया कि देश में इस समय एक विशाल राष्ट्रीय एलपीजी नेटवर्क संचालित हो रहा है, जिसके तहत करीब 33 करोड़ एलपीजी कनेक्शन मौजूद हैं।

पेट्रोलियम एवं नेचुरल गैस मंत्री ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (पीएमयूवाई) की उपलब्धियों का भी उल्लेख किया। उनहोंने बताया कि इस योजना के तहत 10.41 करोड़ परिवारों को एलपीजी कनेक्शन उपलब्ध कराए गए हैं। सरकार अब इस योजना के तहत 10.60 करोड़ कनेक्शनों के अपने लक्ष्य के करीब पहुंच रही है। पुरी ने कहा कि उपभोक्ताओं के व्यवहार में आया बदलाव रिफिल के आंकड़ों से स्पष्ट है। उन्होंने कहा कि इस योजना की असली सफलता केवल गैस कनेक्शन की संख्या में नहीं बल्कि एलपीजी के नियमित उपयोग में छिपी हुई है।

उन्‍होंने बताया क‍ि पीएमयूवाई योजना के तहत अब तक लगभग 276 करोड़ परिवारों को एलपीजी रिफिल वितरित किए जा चुके हैं। वित्त वर्ष 2024-25 में उज्ज्वला योजना के तहत आने वाले परिवारों को औसतन 13.6 लाख रिफिल प्रतिदिन वितरित किए जा रहे हैं। पूरे देश में प्रतिदिन 55 लाख से अधिक एलपीजी सिलेंडर वितरित किए जाते हैं। पुरी ने कहा क‍ि जिस चीज ने बदलाव को असली बनाया, वह है इस्तेमाल। मंत्री ने कहा कि औसत खपत प्रति परिवार 3 से बढ़कर 4.85 सिलेंडर हो गई है, जो व्यवहार में एक साफ़ बदलाव दिखाता है। यह कोई कभी-कभार मिलने वाला सपोर्ट नहीं है। यह प्रधानमंत्री नरेंन्द्र मोदी के नेतृत्व में बड़े पैमाने पर सम्मान देने वाला रोजाना का इंफ्रास्ट्रक्चर है।

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