राज्य का कर्तव्य केवल अपराधी पर मुकदमा चलाने तक ही सीमित नहीं: हाईकोर्ट
प्रयागराज। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार के अधिकारियों द्वारा एसिड हमले के मामलों को ‘हल्के और लापरवाही से’ निपटाने और एसिड हमले के पीड़ितों के मुआवजे, पुनर्वास और दीर्घकालिक सहायता के लिए एक व्यापक नीति तैयार न करने पर अपनी कड़ी नाराजगी व्यक्त की।
न्यायमूर्ति सरल श्रीवास्तव और न्यायमूर्ति गरिमा प्रसाद की खंडपीठ ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा इस मुद्दे को समयबद्ध और प्रभावी तरीके से हल करने के लिए उच्चतम प्रशासनिक स्तर पर कोई ठोस प्रयास न करने पर कड़ी आपत्ति जताई।
इस बात को ध्यान में रखते हुए, खंडपीठ ने उत्तर प्रदेश सरकार के प्रमुख सचिव (गृह) और प्रमुख सचिव (महिला एवं बाल कल्याण विभाग) को 25 मई को तलब किया, साथ ही उन्हें निर्देश भी दिए हैं। कोर्ट ने कहा कि राज्य द्वारा एसिड हमले के पीड़ितों के मुआवजे, पुनर्वास और दीर्घकालिक सहायता के लिए प्रस्तावित ठोस नीतिगत ढांचा; चिकित्सा उप...









