Report : तपती रातें बन रहीं गंभीर स्वास्थ्य संकट…. हर व्यक्ति सालाना गंवा रहा 93 घंटे की नींद
नई दिल्ली। दिन के बढ़ते तापमान (Rising Temperatures) के साथ अब रातों की गर्मी (Heat) भी गंभीर स्वास्थ्य संकट (Health crisis) बनती जा रही है। क्लाइमेट सेंट्रल (Climate Central) की नई वैश्विक रिपोर्ट के अनुसार, गर्म और उमस भरी रातों के कारण देश के कई हिस्सों में लोग हर साल दर्जनों घंटे की नींद गंवा रहे हैं। दक्षिण भारत इस समस्या का सबसे बड़ा केंद्र बनकर उभरा है। रिपोर्ट का निष्कर्ष है कि जलवायु परिवर्तन अब केवल मौसम का विषय नहीं रह गया, बल्कि यह लोगों की नींद, स्वास्थ्य और कार्यक्षमता को प्रभावित कर रहा है।
रिपोर्ट के मुताबिक पुडुचेरी के लोग वर्षभर में औसतन 92 घंटे की नींद खो रहे हैं। आंध्र प्रदेश में 88.6 घंटे और केरल में 88.3 घंटे की नींद का नुकसान दर्ज किया गया है। तमिलनाडु, कर्नाटक और तेलंगाना में भी स्थिति चिंताजनक है, जहां लगातार बढ़ती रात्रिकालीन गर्मी लोगों को पर्याप्त आराम नहीं क...









