गरीब की थाली पर महंगाई की मार…. 4% तक बढ़े गेहूं के दाम…. आटा-रोटी पर असर
नई दिल्ली। महंगाई (Inflation) की मार अब खाने की थाली (Food plate) तक और बढ़ सकती है। वैश्विक बाजार (Global market) में गेहूं की कीमतों (Wheat prices) में तेजी का असर घरेलू बाजार (Domestic Market) में भी दिखाई देने लगा है। फिलहाल गेहूं की कीमत करीब 6.7 डॉलर प्रति बुशेल के आसपास है, जो 24 जुलाई के बाद का सबसे ऊंचा स्तर बताया जा रहा है। पिछले एक महीने में देश की प्रमुख मंडियों में गेहूं के भाव 3.85 फीसदी तक बढ़ चुके हैं। अगर यह तेजी आगे भी बनी रहती है तो आटा, ब्रेड और गेहूं से बनने वाले दूसरे खाद्य उत्पादों की कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है।
काला सागर का तनाव गेहूं के लिए इतना अहम क्यों है?गेहूं की कीमतों में तेजी के पीछे काला सागर क्षेत्र में बढ़ता तनाव बड़ी वजह बन रहा है। रूस और यूक्रेन दुनिया के गेहूं निर्यात में बड़ा हिस्सा रखते हैं। रूस की ओर से यूक्रेन के साथ काला सागर में संभावित युद्धव...









