प्रयागराज, 15 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। विश्व प्रसिद्ध प्रयागराज **माघ मेला** के द्वितीय स्नान पर्व **मकर संक्रांति** को सुबह **दस बजे** तक **36 लाख** श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी।
प्रयागराज, 15 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। विश्व प्रसिद्ध प्रयागराज माघ मेला के द्वितीय स्नान पर्व मकर संक्रांति के अवसर पर गुरुवार को दोपहर 12 बजे तक 45 लाख श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई। तीर्थराज प्रयाग में श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ा है। संगम से लेकर विभिन्न घाटों पर श्रद्धालु स्नान दान कर रहे हैं।
जगदलपुर, 14 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। लोकतंत्र के मंदिर की कार्यप्रणाली को समझने और युवाओं में संसदीय गुणों को विकसित करने के उद्देश्य से गुरुवार 15 जनवरी को जगदलपुर में संभाग स्तरीय युवा संसद प्रतियोगिता 2025-26 का आयोजन होने जा रहा है। संभाग स्तरीय आयोजन समिति के तत्वावधान में आयोजित यह गरिमामय कार्यक्रम जगदलपुर शहर के समीप कुम्हरावण्ड स्थित शहीद गुंडाधुर कृषि महाविद्यालय के ऑडिटोरियम हॉल में संपन्न होगा। इस एक दिवसीय प्रतियोगिता का शुभारंभ प्रातः 10 बजे उद्घाटन समारोह के साथ होगा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राज्य शासन के वन एवं जलवायु परिवर्तन, जल संसाधन, कौशल विकास एवं सहकारिता मंत्री केदार कश्यप होंगे। उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता सांसद बस्तर महेश कश्यप करेंगे। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथियों के रूप में जगदलपुर विधायक किरण सिंह देव, जिला पंचायत अध्यक्ष वेदवती कश्यप, महापौर संजय पांडे, जिला पंचायत...
बिहार, 14 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। 15 जनवरी का दिन इतिहास के पन्नों में भारत और नेपाल के लिए एक त्रासदी के रूप में दर्ज है। वर्ष 1934 में इसी दिन आए विनाशकारी भूकंप ने व्यापक तबाही मचाई थी। इस भूकंप का केंद्र भारत के बिहार क्षेत्र और नेपाल के सीमावर्ती इलाकों के आसपास था, जिसकी तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 8.4 मापी गई।
भूकंप के तेज़ झटकों से शहरों और गांवों में इमारतें धराशायी हो गईं। बिहार के कई हिस्सों में सड़कें, पुल और घर पूरी तरह नष्ट हो गए, वहीं नेपाल में भी भारी जन-धन की हानि हुई। इस प्राकृतिक आपदा में अनुमानित रूप से लगभग 11 हजार लोगों की जान चली गई, जबकि असंख्य लोग घायल और बेघर हो गए।
1934 का यह भूकंप उस दौर की सबसे भयावह प्राकृतिक आपदाओं में गिना जाता है। सीमित संसाधनों और संचार व्यवस्था के अभाव के कारण राहत और बचाव कार्य भी अत्यंत कठिन रहा। इस त्रासदी ने न केवल तत्कालीन जनजीवन को...