Friday, March 6खबर जो असर करे |
Shadow

Tag: साम्प्रदायिकता

जमीअत उलमा-ए-हिंद ने असम के मुख्यमंत्री के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की

जमीअत उलमा-ए-हिंद ने असम के मुख्यमंत्री के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की

कानून
नई दिल्ली, 03 फरवरी (प्रेस ब्यूरो)। जमीअत उलमा-ए-हिंद ने अपने अध्यक्ष मौलाना महमूद असद मदनी के माध्यम से आज सुप्रीम कोर्ट में एक विस्तृत याचिका दायर करते हुए असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के हालिया सार्वजनिक बयान को गंभीर घृणा आधारित, सांप्रदायिक रूप से भड़काऊ और संवैधानिक मूल्यों का खुला उल्लंघन बताया है। याचिका में असम के मुख्यमंत्री के 27 जनवरी, 2026 को दिए गए उस भाषण का विशेष रूप से उल्लेख किया गया है, जिसमें उन्होंने यह दावा किया कि “चार से पांच लाख ‘मियां’ वोटर्स को मतदाता सूची से बाहर कर दिया जाएगा” और यह भी कहा कि वह और उनकी पार्टी “सीधे मियां लोगों के खिलाफ” हैं। याचिका के अनुसार, ‘मियां’ शब्द असम में मुसलमानों के लिए अपमानजनक और बेइज्जती करने वाले तरीके से प्रयोग किया जाता है। याचिका में आगे कहा गया है कि असम के मुख्यमंत्री का उपरोक्त भाषण, इस संदर्भ में कि वह एक ऊंच...
नहीं थम रहा बंगलादेश में हिन्दुओं की हत्या का दौर

नहीं थम रहा बंगलादेश में हिन्दुओं की हत्या का दौर

लेख
-रमेश शर्मा बंगलादेश, 14 जनवरी । बांग्लादेश में हिन्दुओं पर हमलों और उनकी बर्बर हत्याओं का दौर रुक नहीं रहा। इसमें हिन्दू स्त्रियों के साथ सामूहिक बलात्कार का अध्याय भी जुड़ गया है। लेकिन भारत के अधिकांश राजनीतिक दल चुप हैं जिन्हें आतंकवादियों के भी मानवाधिकार की चिंता रहती है। पिछले सप्ताह काँग्रेस नेता जयराम रमेश और के वेणुगोपाल तो मीडिया से बांग्लादेश में हिन्दुओं की हत्या का प्रश्न सुनकर ही भाग निकले। यह वही बंगलादेश है जिसके निवासियों को कभी अपनी बांग्ला संस्कृति पर गर्व होता था और बांग्ला संस्कृति को सुरक्षित रखने के लिए संघर्ष किया था। उनके संघर्ष को सार्थक करने के लिए भारत ने अपनी पूरी शक्ति लगा दी थी। 1971 का युद्ध भी झेला था। इसमें भारत के लगभग 3900 जवानों का बलिदान हुआ था और लगभग 10,000 सैनिक घायल हुए थे। लाखों करोड़ का वित्तीय भार पड़ा सो अलग। बंगलादेश यदि अस्तित्व में आया है ...