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उत्तराखंड ने खोली 83 हिमालयी चोटियां, पर्वतारोहण को मिलेगा नया आयाम

उत्तराखंड ने खोली 83 हिमालयी चोटियां, पर्वतारोहण को मिलेगा नया आयाम

राष्ट्रीय
देहरादून, 03 फरवरी (प्रेस ब्यूरो)। देवभूमि उत्तराखंड ने साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए गढ़वाल और कुमाऊं हिमालय क्षेत्र की 83 प्रमुख पर्वत चोटियों को पर्वतारोहण अभियानों के लिए खोल दिया है। इस निर्णय से सीमावर्ती और दूर-दराज क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद (यूटीबीडी) ने वन विभाग के सहयोग से यह निर्णय लिया है। खोली गई चोटियों की ऊंचाई 5,700 से 7,756 मीटर तक है। इनमें कामेट (7,756 मीटर), नंदा देवी ईस्ट (7,818 मीटर), चौखंबा समूह (7,138 मीटर), त्रिशूल समूह (7,120 मीटर), माउंट शिवलिंग (6,543 मीटर), सतोपंथ (7,075 मीटर), चांगबांग (6,864 मीटर), पंचाचूली (6,334 मीटर – 6,904 मीटर) और नीलकंठ (6,596 मीटर) जैसी प्रमुख हिमालयी चोटियां शामिल हैं। राज्य सरकार का मानना है...
कुमाऊं में सांस्कृतिक लोक उत्सव है होली

कुमाऊं में सांस्कृतिक लोक उत्सव है होली

लेख
By: प्रयाग पाण्डे कुमाऊं में सांस्कृतिक लोक उत्सव है होली प्रयाग पाण्डे हिमालय की गोद में बसा कुमाऊं अंचल न केवल अपने नैसर्गिक सौंदर्य, सुदीर्घ और समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा के लिए भी विख्यात है, बल्कि यहां मनाई जाने वाली होली का भी अंदाज निराला है। यही वजह है कि कुमाउंनी होली की विशिष्ट पहचान है। अपना अनोखा रंग है। यहां की होली तन को ही नहीं रंगती, मन को भी उमंग से लबालब भर देती है। कुमाऊं की होली में आंचलिक विशिष्टता है। अनूठा सौंदर्य बोध है। रंग, राग और रागनियों का अदभुत समावेश है। ऋतुराज वसंत को यौवन का सूचक माना जाता है। वसंत ऋतु के आते ही समूची प्रकृति का यौवन एकाएक खिल उठता है। प्रकृति रंग -बिरंगी हो जाती है। विशिष्ट सुगंध और रंग लिए फूल खिलने लगते हैं। देश के अलग - अलग ्सों में लोग अपने -अपने अंदाज में वसंतोत्सव के रंग के आगोश में डूब जाते हैं। भारत के कोने -कोने में राग -रं...