Saturday, March 7खबर जो असर करे |
Shadow

पाकिस्तानी जनरल मुनीर बेच रहे हैं सेना के जवान?

इस्‍लामाबाद। पड़ोसी देश पाकिस्तान से हाल ही में एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसपर शायद आपको भी यकीन ना हो। हाल ही में पाकिस्तान की एक जानी-मानी पत्रकार ने दावा किया है कि पाकिस्तान की सेना को पैसों के बदले बिक्री पर रख दिया गया है। पत्रकार का दावा है कि पाकिस्तान गाजा में शांति सेना के हिस्से के रूप में अपने सैनिकों को भेजने के लिए इजरायल से प्रति सैनिक 10,000 डॉलर की मांग कर रहा है।

गौरतलब है कि गाजा शांति समझौते के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक 20-सूत्रीय शांति प्रस्ताव पेश किया था, जिसके तहत गाजा में एक अस्थायी अंतर्राष्ट्रीय स्थिरीकरण बल (ISF) के गठन का जिक्र था। इसके तहत कुछ सैनिकों को तुरंत गाजा में तैनात किया जाएगा। ट्रंप की योजना के मुताबिक ये सैनिक फिलिस्तीनी सैनिकों की मदद करेंगे। इसके अलावा ये सैनिक इजरायल और मिस्र के साथ मिलकर सीमावर्ती क्षेत्रों की सुरक्षा में मदद करेंगे। यह भी तय किया गया कि ISF का गठन अरब और अन्य अंतर्राष्ट्रीय सहयोगियों के साथ मिलकर किया जाएगा, और गाजा में कोई अमेरिकी सैनिक मौजूद नहीं होगा। इस शांति सेना को समर्थन देने वालों में पाकिस्तान भी शामिल था।
20,000 सैनिक भेजेगा पाक

इसके बाद अक्टूबर के अंत में देश में हुई उठा-पटक के बाद पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने ऐलान किया था कि प्रस्तावित शांति सेना के हिस्से के रूप में देश के कुछ सैनिकों को गाजा भेजा जाएगा। मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो पाकिस्तान इस समझौते के तहत गाजा में 20,000 सैनिक भेजेगा।
वरिष्ठ पत्रकार का क्या दावा?

अब पाकिस्तान की वरिष्ठ पत्रकार ने हाल ही में इन सैनिकों की तैनाती को लेकर फील्ड मार्शल आसिम मुनीर की पोल खोल दी है। वरिष्ठ पत्रकार अस्मा शिराज़ी ने दावा किया है कि आसिम मुनीर ने गाजा में पाकिस्तानी सैनिकों की तैनाती के लिए प्रति सैनिक 10,000 डॉलर यानी करीब 8.86 लाख रुपए की मांग की थी। हालांकि फर्स्टपोस्ट ने अपनी एक रिपोर्ट में बताया है कि इजरायल ने पाक की इस मांग को सिरे से नकार दिया और कथित तौर पर प्रति सैनिक करीब 100 डॉलर यानी 8,860 रुपए की पेशकश की।
पाकिस्तान की किरकिरी तय

इस पोस्ट के सामने आने के बाद वैश्विक मंच पर पाकिस्तान की किरकिरी तय है। यह पाकिस्तान की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठाता है। साथ ही इस कदम से इस पर संदेह भी पैदा हो रहे हैं कि क्या पाकिस्तान फिलिस्तीनियों के साथ एकजुटता का ढोंग महज करता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *