मॉस्को। पाकिस्तान में रूसी दूतावास ने पेशावर से प्रकाशित होने वाले अंग्रेजी दैनिक अखबार द फ्रंटियर पोस्ट पर तीखा हमला बोला है। रूस ने अखबार पर रूस-विरोधी लेखों की श्रृंखला चलाने और मॉस्को के खिलाफ पश्चिमी प्रोपेगेंडा को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है।
दूतावास ने गुरुवार को जारी एक बयान में कहा कि अखबार का इंटरनेशनल न्यूज सेक्शन अमेरिकी प्रभाव में काम करने वाले संपादकीय दल के नियंत्रण में है, जिसका मुख्यालय वाशिंगटन में स्थित है। इस टीम पर आरोप लगाया गया कि वह नियमित रूप से कट्टर रूस-विरोधियों और रूसी विदेश नीति के आलोचकों को तरजीह देती है।
रूसी मिशन ने कहा कि अखबार में रूस या उसकी नेतृत्व व्यवस्था के बारे में निष्पक्ष या सकारात्मक रूप से लिखा गया एक भी लेख खोजना मुश्किल हो गया है। रूसी दूतावास ने बयान में कहा कि हाल ही में अखबार के अंतरराष्ट्रीय अनुभाग में ऐसा एक भी लेख नहीं मिला जो रूस या उसके नेतृत्व को सकारात्मक या तटस्थ रूप में पेश करता हो।
दूतावास ने आगे कहा कि लगातार रूस-विरोधी रिपोर्टों का प्रकाशन यह दर्शाता है कि अखबार की नीति राजनीतिक पक्षपात पर आधारित है, न कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर। बयान में कहा गया, ‘पश्चिमी प्रोपेगेंडा से भरे इन लेखों में किसी वैकल्पिक दृष्टिकोण की अनुपस्थिति यह दर्शाती है कि संपादकीय नीति स्वतंत्र पत्रकारिता नहीं, बल्कि राजनीतिक झुकाव का परिणाम है।’
रूसी दूतावास ने यह भी उल्लेख किया कि द फ्रंटियर पोस्ट के पास अफगानिस्तान पर समर्पित पूरा सेक्शन है, लेकिन उसने 7 अक्तूबर को आयोजित मॉस्को फॉर्मेट ऑफ कंसल्टेशन ऑन अफगानिस्तान की रिपोर्टिंग पूरी तरह नजरअंदाज कर दी, जबकि अन्य क्षेत्रीय मीडिया ने इस पर व्यापक कवरेज दी थी।
रूसी दूतावास ने कहा कि यह रवैया अखबार के पश्चिमीकृत संपादकीय दफ्तर की रूस-विरोधी प्रवृत्ति को और उजागर करता है। रूसी दूतावास ने अखबार पर यह आरोप भी लगाया कि वह रूस की कमजोर अर्थव्यवस्था और प्रतिबंधों से प्रभावित होने जैसे पश्चिमी आख्यानों को दोहराता है। मिशन ने कहा कि यह दावे तथ्यों से परे हैं।
बयान में बताया गया कि 2024 में रूस की जीडीपी 4.1 प्रतिशत बढ़ी, निर्माण क्षेत्र में 8.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई और बेरोजगारी दर सिर्फ़ 2.5 प्रतिशत रही। बयान में व्यंग्यात्मक रूप से कहा गया कि किसी देश के लिए ये ‘गिरती अर्थव्यवस्था’ के संकेत नहीं हो सकते। रूस ने हाल ही में अपनी सामरिक क्षमताओं का भी जिक्र किया, जिनमें बुरेवेस्टनिक क्रूज मिसाइल और पोसीडॉन अंडरवाटर व्हीकल के परीक्षण शामिल हैं। अंत में दूतावास ने पाकिस्तानी जनता से अपील की कि वे विभिन्न स्रोतों से जानकारी प्राप्त करें और ऐसे प्रकाशनों पर निर्भर न रहें जो विदेशी प्रायोजकों के संदिग्ध हितों की सेवा करते हों।
