पटना, 11 अक्टूबर।
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की गहमागहमी अपने चरम पर है। 10 अक्टूबर से नामांकन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, लेकिन अब तक न तो सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) और न ही विपक्षी महागठबंधन सीट बंटवारे पर अंतिम समझौते तक पहुंच पाए हैं। दोनों गठबंधनों में आंतरिक खींचतान ने राज्य के राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया है।
राजग में सीट बंटवारे पर जारी मंथन

एनडीए की ओर से सीट शेयरिंग को लेकर दिल्ली और पटना में लगातार बैठकें चल रही हैं। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा है कि “सभी दलों से विमर्श लगभग पूरा हो चुका है, किसी को कोई नाराजगी नहीं है।” वहीं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने भरोसा दिलाया कि जल्द ही केंद्रीय नेतृत्व सीट बंटवारे की औपचारिक घोषणा करेगा।
इस बीच भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के साथ राष्ट्रीय लोक मोर्चा प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा की करीब डेढ़ घंटे चली बैठक में सीटों को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। इससे पहले जीतन राम मांझी ने भी नड्डा से मुलाकात की, जो लगभग 25 मिनट तक चली। एनडीए के अन्य वरिष्ठ नेता, जैसे सुरेश शर्मा और मांझी, दिल्ली में उम्मीदवारों के अंतिम चयन की प्रक्रिया में सक्रिय रूप से शामिल हैं।
NDA में शामिलियों की हलचल और चर्चाएं
राजनीतिक सरगर्मी के बीच पूर्व सांसद अरुण कुमार अपने बेटे ऋतुराज के साथ जदयू में शामिल हो गए। सदस्यता कार्यक्रम में पार्टी के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय कुमार झा, केंद्रीय मंत्री ललन सिंह, और मंत्री विजय चौधरी व अशोक चौधरी मौजूद रहे।
वहीं भोजपुरी अभिनेता पवन सिंह ने साफ किया है कि वे विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे, लेकिन पार्टी के प्रति “निष्ठा और समर्थन” बनाए रखेंगे।
महागठबंधन में ‘सीट युद्ध’ और रणनीति बैठकें
दूसरी ओर महागठबंधन में भी तालमेल की कोशिशें जारी हैं, लेकिन सहमति अब तक नहीं बन सकी है।
राबड़ी आवास, पटना में राजद की अहम बैठक जारी है, जिसकी अध्यक्षता लालू प्रसाद यादव कर रहे हैं। बैठक में तेजस्वी यादव, प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल सहित तमाम वरिष्ठ नेता मौजूद हैं। बैठक के बाद तेजस्वी यादव दिल्ली रवाना होंगे, जहां उनकी मुलाकात राहुल गांधी से तय है। माना जा रहा है कि दोनों नेताओं के बीच सीट बंटवारे और उम्मीदवार चयन पर अंतिम बातचीत होगी।
निर्वाचन आयोग की तैयारी पूरी
चुनाव आयोग ने पहले चरण के नामांकन की अंतिम तिथि 17 अक्टूबर तय की है। दूसरे चरण का नामांकन 13 से 21 अक्टूबर तक चलेगा। आयोग ने बताया है कि कई उम्मीदवारों के दस्तावेज पहले ही जांचे जा चुके हैं, अब केवल औपचारिक प्रक्रिया बाकी है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बिहार में इस बार सीट बंटवारा दोनों गठबंधनों के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गया है। चुनावी समीकरणों और संभावित दलबदल की अटकलों के बीच दोनों पक्षों की रणनीति आने वाले दिनों में स्पष्ट होगी।
