पटना, 11 अक्टूबर।
बिहार की सियासत में एक और बड़ा फेरबदल देखने को मिला है। दरभंगा जिले के अलीनगर विधानसभा क्षेत्र से विधायक मिश्रीलाल यादव ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से भी त्यागपत्र देकर भाजपा नेतृत्व पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

पत्रकारों से बातचीत में मिश्रीलाल यादव ने कहा कि भाजपा में गरीबों, पिछड़ों और दलितों का कोई सम्मान नहीं है। उन्होंने कहा, “मैंने हमेशा गरीबों के मान-सम्मान की लड़ाई लड़ी है। भाजपा अब उस विचारधारा से दूर हो चुकी है, जहां समाज के वंचित तबके की बात होती थी।”
उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी में उन्हें लगातार उपेक्षा और अपमान का सामना करना पड़ा। “मैं अपने स्वाभिमान की रक्षा के लिए भाजपा छोड़ रहा हूं। अब मैं वहीं जाऊंगा, जहां सम्मान मिलेगा,” उन्होंने कहा।
मिश्रीलाल यादव ने बताया कि उन्होंने अलीनगर क्षेत्र में तीन दशकों के बाद भाजपा को विजय दिलाई, फिर भी पार्टी ने उनके योगदान को नजरअंदाज किया। “2020 में मैंने वहां भाजपा का झंडा लहराया, जहां एनडीए का कोई प्रतिनिधि नहीं जीत पाया था, लेकिन आज वही पार्टी मेरे जैसे कार्यकर्ताओं को अपमानित कर रही है,” उन्होंने जोड़ा।
राजनीतिक हलकों में यह चर्चा तेज है कि मिश्रीलाल यादव जल्द ही राष्ट्रीय जनता दल (राजद) में शामिल हो सकते हैं। हालांकि, उन्होंने अभी तक किसी पार्टी में शामिल होने की घोषणा नहीं की है।
मिश्रीलाल यादव ने ग्राम पंचायत मुखिया के रूप में राजनीति की शुरुआत की थी। वे दो बार विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) रह चुके हैं और वर्तमान में अलीनगर से विधायक हैं। उन्होंने 2020 में विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के टिकट पर चुनाव जीता था और बाद में भाजपा में शामिल हो गए थे।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, मिश्रीलाल यादव का इस्तीफा बिहार में भाजपा के पिछड़ा वर्ग आधार पर प्रभाव डाल सकता है, खासकर दरभंगा और मिथिला क्षेत्र में, जहां यादव समुदाय की राजनीतिक भूमिका अहम मानी जाती है।
