
शिमला, 11 अक्टूबर।
राजधानी शिमला में बैंक ऑफ बड़ौदा की कसुम्पटी शाखा में करोड़ों रुपये के गबन के मामले में गिरफ्तार बैंक अधिकारी को अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। आरोपी की पहचान अंकित राठौर, सीनियर मैनेजर, बैंक ऑफ बड़ौदा कसुम्पटी शाखा के रूप में हुई है।
पुलिस के अनुसार, अंकित राठौर को पहले दो दिन की पुलिस रिमांड पर रखा गया था, जिसके बाद शुक्रवार को अदालत ने उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने के आदेश दिए।
घटना का खुलासा तब हुआ जब बैंक ऑफ बड़ौदा के डिप्टी रीजनल मैनेजर ने पुलिस थाना छोटा शिमला में शिकायत दर्ज करवाई। शिकायत के अनुसार, आरोपी ने एपीएमसी शिमला एंड किन्नौर के बैंक खाते से 22 और 27 अगस्त को बिना किसी अनुमति के लगभग 3.70 करोड़ रुपये की राशि एक अन्य खाते में ट्रांसफर की।
जांच में सामने आया कि आरोपी ने यह राशि आगे कई अन्य खातों में स्थानांतरित कर नकद के रूप में निकाल ली। इस कार्रवाई के बाद बैंक प्रबंधन ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कार्रवाई शुरू की और उस खाते को फ्रीज कर दिया, जिसमें अब भी लगभग 90.95 लाख रुपये शेष थे।
पुलिस जांच के दौरान आरोपी अधिकारी ने यह लिखित रूप में स्वीकार किया कि उसने अज्ञात व्यक्तियों की मदद से निजी लाभ के लिए यह गबन किया। इस पर पुलिस ने 11 सितंबर को मामला दर्ज किया और जांच शुरू की।
गिरफ्तारी से बचने के लिए अंकित राठौर ने अदालत में अग्रिम जमानत की अर्जी दाखिल की थी, लेकिन अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रवीण गर्ग की अदालत ने याचिका को खारिज कर दिया। इसके बाद पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, अब तक की जांच में केवल अंकित राठौर की ही संलिप्तता सामने आई है। उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 316(5) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस मामले में धन के प्रवाह और संभावित अन्य व्यक्तियों की भूमिका की जांच कर रही है। बैंक प्रबंधन ने कहा है कि इस मामले में शून्य सहनशीलता की नीति अपनाई जाएगी और संबंधित आंतरिक जांच भी जारी है।
यह घटना बैंकिंग सेक्टर में सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है, खासकर तब जब इतनी बड़ी राशि को बिना अनुमति ट्रांसफर कर लिया गया। पुलिस और बैंक अधिकारी दोनों ही अब इस मामले को प्राथमिकता से आगे बढ़ा रहे हैं।
