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ईरान के यूरेनियम भंडार पर US की नजर…. ट्रंप बोले- उसके पास गए तो उड़ा दिए जाओगे

वाशिंगटन। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (American President Donald Trump) ने रविवार को कहा कि अमेरिका (America) ईरान (Iran) के संवर्धित यूरेनियम भंडार (Enriched Uranium Reserves) पर सख्त नजर रखे हुए है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कोई भी उस स्थान के पास पहुंचने की कोशिश करता है तो वाशिंगटन को तुरंत पता चल जाएगा और उसे उड़ा दिया जाएगा। ट्रंप ने कहा कि हमें वो किसी न किसी समय मिल ही जाएगा… हम उस पर नजर रख रहे हैं। मैंने ‘स्पेस फोर्स’ नाम की एक संस्था बनाई है और वे उस पर नजर रख रहे हैं। अगर कोई भी उस जगह के पास पहुंचा, तो हमें पता चल जाएगा और हम उसे उड़ा देंगे।

शैरिल एटकिंसन के साथ बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि हमें वो किसी न किसी समय मिल ही जाएगा… हम उस पर नजर रख रहे हैं। मैंने ‘स्पेस फोर्स’ नाम की संस्था बनाई है और वे उस पर पूरी नजर रखे हुए हैं। अगर कोई भी उस जगह के पास पहुंचा तो हमें पता चल जाएगा और हम उसे उड़ा देंगे। उन्होंने आगे कहा कि स्पेस फोर्स इतना सक्षम है कि अगर कोई अंदर घुसा भी तो उसका नाम, पता और बैज नंबर तक बता सकता है।


वहीं, ईरान के साथ चल रहे सैन्य संघर्ष पर बोलते हुए ट्रंप ने दावा किया कि ईरान पूरी तरह से सैन्य रूप से पराजित हो चुका है। उन्होंने कहा कि उनके पास न नौसेना बची है, न वायुसेना, न विमानरोधी हथियार और न ही कोई नेता। ट्रंप ने कहा कि ईरान लगातार समझौते करता और तोड़ता रहा, लेकिन अब सैन्य दृष्टि से वह पूरी तरह कमजोर हो गया है। इस दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने यह भी कहा कि अगर अमेरिका आज ईरान को अकेला छोड़ दे तो उसे अपने ढांचे को दोबारा खड़ा करने में करीब 20 साल लग जाएंगे।


ईरान में जारी अमेरिकी सैन्य अभियान के बारे में पूछे जाने पर ट्रंप ने बताया कि अभियान अभी समाप्त नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि हम दो हफ्ते और अभियान जारी रख सकते हैं। साथ ही उन्होंने दावा किया कि अमेरिका ने 70 प्रतिशत लक्ष्यों को नष्ट कर दिया है। ट्रंप ने कहा कि यह तो बस अंतिम काम होगा… लेकिन अगर हम वह भी नहीं करते तो भी उन्हें पुनर्निर्माण में 20 साल लग जाएंगे।


इस दौरान ट्रंप ने जोर देकर कहा कि वे ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने की कभी अनुमति नहीं देंगे और इसे ‘पागलपन’ करार दिया। उन्होंने ओबामा प्रशासन द्वारा 2015 में हस्ताक्षरित संयुक्त व्यापक कार्य योजना (JCPOA) का जिक्र करते हुए कहा कि अगर उन्होंने उस समझौते को समाप्त नहीं किया होता तो ईरान अब तक इजराइल और पूरे मध्य पूर्व पर परमाणु हथियारों का इस्तेमाल कर चुका होता।

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