
चंडीगढ़, 02 फ़रवरी (प्रेस ब्यूरो)। राजाओं के शहर पटियाला के अंतर्गत नाभा रियासत में सोमवार को लगभग 124 साल बाद एक अनोखी शाही परंपरा का पालन किया गया। यहां के हीरा महल में आयोजित इस कार्यक्रम में नाभा रियासत के महाराजा रिपुदमन सिंह के पड़पोते 16 साल के अभि उदय प्रताप सिंह की पगड़ी रस्म का आयोजन हुआ। यह कार्यक्रम वर्तमान समय में चर्चा का विषय बना हुआ है। अभि उदय प्रताप सिंह फिलहाल नववीं कक्षा में पढ़ाई कर रहे हैं।

इस कार्यक्रम में पंजाब विधासनभा स्पीकर कुलतार सिंह संधवा, हरियाणा के सीएम नायब सैनी, राधा स्वामी सत्संग ब्यास से बाबा गुरविंदर सिंह जी, शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान एच.एस. धामी, पंजाब के कैबिनेट मंत्री तरूणप्रीत सिंह सोंध, हरदेव सिंह खुड्डियां आदि उपस्थित रहे। अभि उदय प्रताप सिंह ने पगड़ी रस्म के दौरान श्री गुरु साहिब के चरणों में प्रार्थना की कि वह भी अपने पूर्वज महाराजा नरिंदर सिंह की तरह पंजाब के गुरु घरों की सेवा कर सकें। उन्होंने महाराजा रिपुदमन सिंह को याद किया, जिन्होंने काली पगड़ी पहनकर विरोध प्रदर्शन किया और Sikh Marriage Act को लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
शीशगंज गुरुद्वारा साहिब के प्रमुख बाबा राय सिंह जी ने अभि उदय प्रताप सिंह को पगड़ी बांधी और इस रस्म को पूरा किया। अभि उदय प्रताप सिंह की मां महारानी उमा सिंह ने कहा कि आज कई लोग बेटे को आशीर्वाद देने आए हैं, और मैं उनसे निवेदन करती हूं कि वे अपनी अरदास में प्रार्थना करें कि बेटा एक अच्छा इंसान बने। उन्होंने यह भी साझा किया कि उन्हें बहुत खुशी है कि इतने लोग आशीर्वाद देने आए। महाराजा रिपुदमन जी का राजतिलक हुआ था, लेकिन यह केवल दस्तारबंदी है। 124 साल पहले चोखड़े पर भाई नारायण सिंह जी ने महल में अखंड साहिब पाठ किया था, जो आज फिर से दोहराया गया। बाबा राजा सिंह जी ने चोखड़े पर पाठ किया है। महारानी ने बताया कि उनके बेटे ने स्वयं केश बढ़ाए और कहा कि “मुझे Sikh बनना है, दस्तार सजानी है।”
