
रायपुर, 01 फरवरी (प्रेस ब्यूरो)। केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि छत्तीसगढ़ को कृषि के क्षेत्र में उन्नत और आत्मनिर्भर बनाने के लिए राज्य सरकार के साथ मिलकर विशेष प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार के वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिकों और राज्य सरकार के अधिकारियों की टीम अगले एक हफ्ते में छत्तीसगढ़ के एग्रोक्लाइमेट के अनुरूप विशेष नीति बनाएगी।
शिवराज सिंह चौहान ने मंत्रालय महानदी भवन में कृषि विभाग के कामकाज की उच्च स्तरीय समीक्षा की, जिसमें उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा एवं कृषि मंत्री रामविचार नेताम, मुख्य सचिव विकासशील, और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में, उन्होंने संज्ञान लिया कि प्रदेश में फसल विविधिकरण को बढ़ावा देने की आवश्यकता है ताकि किसानों की आय में वृद्धि हो। उन्होंने छोटे जोत वाले किसानों को पशुपालन, मत्स्यपालन और वानिकी जैसी सहायक गतिविधियों को बढ़ावा देने का भी सुझाव दिया।
मंत्री ने आगे कहा कि प्रदेश में रिसर्च और वैरायटी की समस्याओं को दूर किया जाएगा, साथ ही फसलों के वैविध्य पर काम होगा। कृषि तकनीक और आधुनिक उपकरणों के इस्तेमाल से फसलों के उत्पादन में वृद्धि साधने की बात कही। उन्होंने किसानों को लाभ पहुंचाने वाले अनुसंधान पर जोर दिया और अच्छा काम करने वालों को सम्मान देने का आश्वासन दिया।
इसके अलावा, चौहान ने पीएम किसान सम्मान निधि योजना, कृषि सिंचाई योजना और अन्य योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने पॉम ऑयल और मखाना की खेती को बढ़ावा देने की बात की। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने केंद्रीय मंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि केंद्र सरकार से मिलने वाला सहयोग छत्तीसगढ़ के कृषि और ग्रामीण विकास के लिए महत्वपूर्ण है।
