Saturday, March 7खबर जो असर करे |
Shadow

जयराम रमेश ने बजट से पहले सरकार को आर्थिक चुनौतियों पर किया आगाह

नई दिल्ली, 12 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने संसद के आगामी सत्र की घोषणा के बाद देश की अर्थव्यवस्था में उपस्थित गंभीर चुनौतियों की ओर ध्यान आकर्षित किया है। उन्होंने उल्लेख किया कि वित्त वर्ष 2026/27 का बजट बीस दिनों में पेश किया जाएगा और यह निस्संदेह 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों को ध्यान में रखेगा, लेकिन असली प्रश्न यह है कि क्या सरकार मौजूदा आर्थिक वास्तविकताओं को स्वीकार करने के लिए तैयार है।
रमेश ने एक्स पर लिखा कि 16वें वित्त आयोग ने 17 नवंबर 2025 को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की थी, जिसमें 2026/27 से 2031/32 की अवधि के लिए केंद्र और राज्यों के बीच कर राजस्व के वितरण से संबंधित सिफारिशें शामिल हैं। उन्होंने बताया कि मनरेगा को समाप्त करने वाले नए कानून के तहत 60:40 लागत साझा करने के फार्मूले से चिंतित राज्य सरकारें अब और अधिक आशंका में हैं।
उन्होंने भारतीय अर्थव्यवस्था की तीन प्रमुख चुनौतियों का उल्लेख किया: टैक्स में कटौती के बावजूद निजी कॉरपोरेट निवेश की दरों का सुस्त रहना, घरेलू बचत दरों में भारी गिरावट, और संपत्ति, आय एवं उपभोग में बढ़ती असमानताएं।
जयराम रमेश ने सवाल उठाया कि क्या आगामी बजट सांख्यिकीय भ्रम को छोड़कर इन वास्तविकताओं का सामना करेगा और इनसे निपटने के लिए ठोस कदम उठाएगा। उन्होंने कहा कि रोजगार सृजन के लिए उच्च जीडीपी वृद्धि दर आवश्यक है, लेकिन ये तभी टिकाऊ हो सकती हैं जब मौजूदा चुनौतियों का समाधान किया जाए। आगामी बजट सरकार के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर होगा कि वह वास्तविक आर्थिक समस्याओं का सामना करने के लिए कदम उठाए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *