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क्रांतिकारी लाला हरदयाल: अंग्रेजों के प्रलोभन ठुकराए, लंदन में किया असहयोग का आह्वान

क्रांतिकारी लाला हरदयाल: अंग्रेजों के प्रलोभन ठुकराए, लंदन में किया असहयोग का आह्वान

लेख, विशेष समाचार
रमेश शर्मा, वरिष्ठ पत्रकार सुप्रसिद्ध क्रांतिकारी और विचारक लाला हरदयाल की गणना उन विरले स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों में होती है, जिन्होंने भारत, अमेरिका और लंदन में अंग्रेजों के अत्याचारों के विरुद्ध अभियान चलाया और राष्ट्र जागरण की अलख जगाई। लाला जी ने अंग्रेजों के हर प्रलोभन को ठुकराया। अंग्रेजों ने लंदन में उन्हें उस समय की सबसे प्रतिष्ठित आईसीएस सेवा में पद का प्रस्ताव भी दिया था, जिसे लाला जी ने ठुकरा दिया था। यही आईसीएस सेवा अब आईएएस के रूप में जानी जाती है। लाला हरदयाल का जन्म 14 अक्टूबर 1884 को दिल्ली में हुआ था। उनका घर दिल्ली के चाँदनी चौक में गुरुद्वारा शीशगंज के पीछे था। गुरुद्वारा शीशगंज उसी स्थल पर है, जहाँ औरंगजेब की कठोर यातनाओं के कारण गुरु तेग बहादुर जी का बलिदान हुआ था। उनके पिता गौरीदयाल माथुर संस्कृत के विद्वान और कोर्ट में रीडर थे। माता भोली रानी रामचरितमानस क...
‘मिसाइल मैन जो महिला सशक्तीकरण को मजबूत राष्ट्र का आधार मानते थे

‘मिसाइल मैन जो महिला सशक्तीकरण को मजबूत राष्ट्र का आधार मानते थे

लेख
पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम जयंती (15 अक्टूबर, 1931) पर विशेष -डॉ. लोकेश कुमार चन्देल एपीजे अब्दुल कलाम को ''भारत का मिसाइल मैन और ''जनता का राष्ट्रपति कहा जाता है। वे कहते थे कि सपने वो नहीं, जो सोने के बाद देखते हैं, सपने वो हैं, जो (लेखक, हिन्दुस्थान समाचार से संबद्ध हैं।)
यमन में सऊदी-हूती संघर्ष

यमन में सऊदी-हूती संघर्ष

लेख
डॉ. प्रियंका सौरभ सऊदी अरब और हूती विद्रोहियों के बीच संघर्ष पश्चिम एशिया की सबसे गंभीर सुरक्षा चुनौतियों में से एक है। यह संघर्ष यमन के लंबे समय से जारी गृहयुद्ध, राजनीतिक अस्थिरता, क्षेत्रीय शक्ति-संघर्ष और अंतरराष्ट्रीय रणनीतिक हितों का परिणा (लेखक, हिन्दुस्थान समाचार से संबद्ध हैं।)
स्टारलिंक की बेचैनी और भारत की डिजिटल संप्रभुता

स्टारलिंक की बेचैनी और भारत की डिजिटल संप्रभुता

लेख, विशेष समाचार
अंतरिक्ष आधारित इंटरनेट अब दुनिया की तकनीकी और आर्थिक प्रतिस्पर्धा का महत्वपूर्ण क्षेत्र बन चुका है। भारत जैसे विशाल बाजार में इसकी संभावनाएं और भी व्यापक हैं। यहां करोड़ों उपभोक्ताओं, दुर्गम भौगोलिक क्षेत्रों, सीमावर्ती इलाकों और तेजी से बढ़ती डिजिटल अर्थव्यवस्था के कारण सैटेलाइट इंटरनेट कंपनियों के लिए बड़े अवसर मौजूद हैं। ऐसे में एलन मस्क की स्टारलिंक, रिलायंस जियो, अमेजन लियो और भारती समूह से जुड़ी वनवेब के बीच प्रतिस्पर्धा का महत्व बढ़ जाता है।देसी उत्पाद खोजें अक्टूबर 2026 के पहले सप्ताह में भारत में स्टारलिंक की व्यावसायिक शुरुआत में देरी को लेकर एलन मस्क की तीखी टिप्पणियों ने इस प्रतिस्पर्धा को सार्वजनिक बहस के केंद्र में ला दिया। मस्क ने कुछ प्रभावशाली कारोबारी हितों पर स्टारलिंक के प्रवेश में बाधा डालने का आरोप लगाया। उन्होंने इसे भारतीय जनता के हितों के विरुद्ध बताया और बाद म...
समुद्र से आकाश तक : भारत की सामरिक शक्ति की नई कसौटी

समुद्र से आकाश तक : भारत की सामरिक शक्ति की नई कसौटी

लेख
By: राकेश मिश्रा - राकेश मिश्रा राष्ट्रीय सुरक्षा की वास्तविक शक्ति केवल लड़ाकू विमानों, युद्धपोतों या आधुनिक हथियारों की संख्या से नहीं मापी जा सकती। निर्णायक प्रश्न यह है कि संकट की घड़ी में उपलब्ध संसाधनों का कितनी तेजी, सटीकता और प्रभावी समन्वय के साथ उपयोग कि (लेखक, हिन्दुस्थान समाचार से संबद्ध हैं।)...
आरटीआई: दो दशकों का सफर और चुनौतियां

आरटीआई: दो दशकों का सफर और चुनौतियां

लेख
By: आत्मदीप 12 अक्टूबर, 2005 को जब देश में सूचना का अधिकार अधिनियम लागू हुआ तो यह हमारे लोकतंत्र में शासन और नागरिक के संबंध को बदलने वाली ऐतिहासिक क्रांति थी। यह स्वतंत्र भारत के इतिहास में सरकार और जनता के (लेखक, हिन्दुस्थान समाचार से संबद्ध हैं।)
नवजीवन के प्रतीक स्त्री शक्ति के नौ रूप

नवजीवन के प्रतीक स्त्री शक्ति के नौ रूप

लेख
By: प्रमोद भार्गव प्रमोद भार्गव शारदेय नवरात्रों में एक बार फिर हम स्त्री शक्ति के नौ रूपों की पूजा करेंगे। नवरात्र में जो नव उपसर्ग हैं, वे नौ की संख्या के साथ-साथ नूतनता के भी प्रतीक हैं। इस अर्थ में वे परिवर्तन के सूचक हैं। ये रूप-शक्ति, स्त्रीत्व (लेखक, हिन्दुस्थान समाचार से संबद्ध हैं।)
सर्वभूतेषु माँ अनुभूति

सर्वभूतेषु माँ अनुभूति

लेख
By: हृदयनारायण दीक्षित हृदयनारायण दीक्षित प्रकृति माँ है। माँ प्रथमा है। हम सब माँ के अंग हैं। माँ का ही विस्तार हैं। माँ न होती तो हम न होते। माँ सृष्टि प्रकृति की आदि अनादि अनुभूति है। माँ दिव्य है। माँ का अनुभव दिव्यता है। तैत्तिरीय उपनिषद् के ऋषि ने ठीक ही माँ को दे (लेखक, हिन्दुस्थान समाचार से संबद्ध हैं।)...
बजरंग दल के 42 वर्ष

बजरंग दल के 42 वर्ष

लेख
विनोद बंसल (राष्ट्रीय प्रवक्ता – विहिप) जहां पर बजरंग दल का जन्म हुआ और जिस प्रारम्भिक कार्य के लिए उसकी उत्पत्ति हुई, उसकी पूर्णता की एक सुखद अनुभूति लिए उसके 8 पूर्व प्रमुख गत 2 अप्रेल को अयोध्या धाम पहुंचे। वहाँ उन्होंने पूजा अर्चना के उपरांत सामूहिक रूप से श्री राम जन्म भूमि मंदिर परिसर में बने अपने आदर्श आराध्य देव बजरंगबली के मंदिर पर ध्वजा रोहण किया। यह दृश्य उन सभी महा योद्धाओं की आँखों को कृतज्ञता के आंसुओं से सजल कर देने वाला था। बजरंगदल का इतिहास1984 में जब विश्व हिन्दू परिषद ने अयोध्या में श्री राम-जानकी रथ यात्रा निकाली, तो तत्कालीन सरकार द्वारा उसे सुरक्षा देने से मना कर दिया गया। इस के बाद, पूज्य संतों और श्रद्धेय श्री अशोक सिंहल जी को युवाओं की एक ऐसी वाहिनी की आवश्यकता महसूस हुई जो इस राम काज को स्वयं अपने बाहुबल से सम्पन्न करा सके। यात्रा की सुरक्षा हेतु उन्हों...
एशियन गेम्स में दुनिया ने देखा भारत की नारी शक्ति का दम

एशियन गेम्स में दुनिया ने देखा भारत की नारी शक्ति का दम

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 निर्मला भूरिया एशियन गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देश को 85 पदक दिलाए और पदक तालिका में चौथा स्थान हासिल किया। भारत के खाते में 21 स्वर्ण, 27 रजत और 37 कांस्य पदक आए। इस उपलब्धि की सबसे गौरवपूर्ण तस्वीर यह है कि महिला खिलाड़ियों ने 38 पदक अपने नाम किए, जो पुरुष खिलाड़ियों के बराबर हैं। इनमें 11 स्वर्ण पदक महिला खिलाड़ियों और महिला टीमों ने जीते।दक्षिण-एशियाई और प्रवासी भारत की बेटियों का यह प्रदर्शन केवल खेल की उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह बदलते भारत और सशक्त होती नारी शक्ति की तस्वीर है। क्रिकेट में भारतीय महिला टीम ने स्वर्ण जीतकर देश का गौरव बढ़ाया, वहीं महिला कबड्डी और महिला हॉकी टीम ने भी स्वर्णिम सफलता हासिल की। महिला हॉकी टीम की स्वर्णिम वापसी विशेष रूप से ऐतिहासिक रही, जिसने 44 वर्ष बाद एशियन गेम्स का स्वर्ण पदक अपने नाम किया। एशियन गेम्स में ...