समाज के लिए सर्वस्व समर्पण करने वाली बुधरी ताती
By: प्रियंका कौशल
बुधरी ताती, ये नाम शायद आपने पहले ना सुना हो। लेकिन दक्षिण बस्तर में बुधरी ताती महिला सशक्तिकरण का दूसरा नाम है। उन्हें भारत सरकार ने पद्मश्री देने की घोषणा की है। दक्षिण बस्तर यानि दंतेवाड़ा से अबूझमाड़ तक फैला धुर नक्सल प्रभावित इलाका। एक ऐसा इलाका जहां चप्पे-चप्पे पर मौत अपना शिकार ढूंढती थी। बारूद, गोली, एनकाउंटर, पुलिस-नक्सली संघर्ष वाले इस क्षेत्र में बुधरी ताती 80 के दशक से शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता और आत्मनिर्भरता की अलख जगा रही हैं। 1985 में 12 आदिवासी बच्चों के छात्रावास को प्रारंभ कर अपने सामाजिक जीवन की शुरुआत करने वाली बुधरी ताती ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।
दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा जिले के छोटे से गांव हीरानार निवासी बुधरी ताती का जन्म 15 सितम्बर 1966 को हुआ। समाज सेवा का जुनून ऐसा कि 15 साल की उम्र से ही परिजनों की मनाही के बावजूद दूसरों की मदद करना श...


