जौनपुर । प्रतिबंधित कोडीनयुक्त कफ सिरप को लेकर दर्ज 12 फर्मों के मामले में जांच तेज हो गई है। जौनपुर के सदर कोतवाली में दर्ज मुकदमों की विवेचना कोतवाली पुलिस तो कर ही रही है, एसआईटी ने भी जांच तेज कर दी है। एसआईटी के राडार पर करीब 20 से अधिक खाते हैं, उनसे जुड़े 600 पन्नों का स्टेटमेंट निकालकर जांच की जा रही है। मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल से जुड़े ठिकानों, उसकी फर्मों का यहां से किस तरह से किसका जुड़ाव था इसकी भी जांच की जा रही है। इसके लिए दो टीमें रांची गई हुई हैं। वहीं, दो दिन पहले लखनऊ में गिरफ्तार अमित सिंह टाटा के घर पर भी पुलिस का छापा पड़ा है। घर की गहन तलाशी हुई और परिवार के लोगों से की पूछताछ की गई है।
जौनपुर कोतवाली में 21 नवंबर को औषधि निरीक्षक रजत पांडेय की तहरी पर पर 12 फर्म संचालकों और वाराणसी के शुभम जायसवाल, उसके पिता सहित कुल 14 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। औषधि निरीक्षक की जांच रिपोर्ट के अनुसार करीब साढ़े 42 करोड़ रुपये का अवैध कारोबार हुआ है। पता चला कि यहां की फर्मों के नाम पर प्रतिबंधित कफ सिरफ का मुवमेंट कराया गया। ये नशीली दवाईयां दूसरे देशों में भी गईं। मामला पकड़ में आने पर मुकदमा दर्ज कराया गया। उसके बाद एसपी डॉ. कौस्तुभ के निर्देश पर एसपी सिटी आयुष श्रीवास्तव ने एसआईटी गठित कर दी। एसआईटी की जिम्मेदारी ट्रेनी आईपीएस एवं सीओ सदर गोल्डी गुप्ता को दी गई है। वह मामले की गहनता से जांच कर रहे हैं।
मुकदमें वाली फर्मों के अलावा भी खातों की जांच
सूत्रों की मानें तो एसआईटी जिस तरह से जांच कर रही है उस हिसाब से परत दर परत मामला खुलेगा। पहले तो शैली ट्रेडर्स यानी शुभम जायसवाल की फर्म की डिटेल लेकर रांची से जानकारी इकठ्ठा की जा रही है। वहां से जिन जिन फर्मों में पैसे भेजे गए होंगे, या जिन खातों से पैसे गए होंगे उसकी डिटेल निकाली जा रही है। यहां भी जिन 12 फर्मों के नाम एफआईआर हुई और चार जिन नई फर्मों का नाम सामने आया है उनके खातों से किसको किसको पैसा भेजा गया है इसकी भी जांच हो रही है। जरूरत पड़ने पर छापेमारी और पूछताछ के लिए कुछ संदिग्ध उठाए भी जा सकते हैं।
अमित सिंह टाटा के घर पुलिस का छापा
प्रतिबंधित कोडीनयुक्त कफ सिरप के अवैध कारोबार मामले में लखनऊ से गिरफ्तार किए गए अमित सिंह टाटा के खिलाफ जांच तेज हो गई है। शुक्रवार को सुरेरी थाने की पुलिस ने उनके सीठूपुर गांव स्थित पैतृक आवास पर छापामारी की।
पुलिस ने घर के अंदर तथा आसपास गहन तलाशी अभियान चलाया। पता करने का प्रयास किया गया कि कहीं प्रतिबंधित कफ सिरप से संबंधित कुछ चीजें यहां तो नहीं रखी हैं। छापामारी के दौरान अमित के परिवार के कुछ सदस्य ही मिले। उनसे पुलिस ने पूछताछ की। पूछताछ में सामने आया कि अमित सिंह टाटा का परिवार वाराणसी में रहता है। ये दो भाइयों में बड़े हैं। छोटा भाई कहीं नौकरी करता है। बताया जा रहा है कि अमित सिंह टाटा एसटीएफ की कार्रवाई में गिरफ्तारी से पहले त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में ब्लॉक प्रमुख पद के भावी प्रत्याशी के तौर पर क्षेत्र में प्रचार कर रहा था। इन्हें एक पूर्व सांसद का करीबी भी माना जाता है।
टाटा से जुड़े हर ठिकाने पर पड़ेंगे छापे
अमित सिंह टाटा से जुड़े सभी ठिकानों पर निगरानी रखी जा रही है। सूत्रों ने बताया कि यदि कोई संदिग्ध या दस्तावेज मिलता है तो आगे की कार्रवाई की जाएगी। गांव में पुलिस दबिश की खबर फैलते ही लोगों की भीड़ जमा हो गई, लेकिन पुलिस ने किसी को घर के अंदर नहीं जाने दिया। एहतिया के तौर पर आसपास के क्षेत्र में भी पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है। अमित सिंह टाटा को एसटीएफ की टीम लखनऊ में गिरफ्तार कर पूछताछ कर रही है। जांच एजेंसियां अब उनके राजनीतिक और कारोबारी नेटवर्क की भी गहन पड़ताल कर रही हैं।
