जम्मू। जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) के पुलवामा जिले (Pulwama district) में शुक्रवार को सुरक्षाबलों ने जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) (Jaish-e-Mohammed – JeM) से जुड़े एक ठिकाने का भंडाफोड़ किया और आतंकवादियों के एक सहयोगी को गिरफ्तार (Associate arrested) किया। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि आतंकवादियों के नेटवर्क के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल करते हुए पुलिस ने अवंतीपोरा में सुरक्षाबलों के साथ मिलकर आतंकवादियों के एक ठिकाने का भंडाफोड़ किया और उनके एक सहयोगी को गिरफ्तार कर लिया।
उन्होंने बताया कि गिरफ्तार आरोपी त्राल और अवंतीपोरा क्षेत्रों में सक्रिय जैश-ए-मोहम्मद आतंकवादियों को रसद सहायता प्रदान करने और हथियार एवं गोला-बारूद पहुंचाने में सक्रिय रूप से शामिल रहा है। उन्होंने बताया कि जिले के नानेर मिदूरा इलाके में आतंकवादियों की मौजूदगी के बारे में विश्वसनीय सूचना मिलने पर सुरक्षा बलों ने वहां घेराबंदी और तलाशी अभियान शुरू किया।
प्रवक्ता ने बताया कि तलाशी के दौरान जैश-ए-मोहम्मद से संबद्ध नाजीर अहमद गनई को गिरफ्तार किया गया जो आतंकवादियों का सहयोगी है। वह मोहल्ला नानार का रहने वाला है। उन्होंने बताया कि लगातार पूछताछ के दौरान किए गए खुलासे के आधार पर, आतंकवादियों के एक ठिकाने का पता चला।
प्रवक्ता ने बताया कि सुरक्षा बलों ने ठिकाने से दो हथगोले, एक डेटोनेटर और विस्फोटक जैसी सामग्री बरामद की, जिन्हें जब्त कर लिया गया तथा ठिकाने को नष्ट कर दिया गया। उन्होंने बताया कि मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिले के ऊंचाई वाले इलाकों में संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिलने के बाद सुरक्षा बलों ने शुक्रवार को घेराबंदी की और तलाश अभियान शुरू किया। अधिकारियों ने बताया कि जिले के बसंतगढ़ क्षेत्र के चिगला-बलोथा इलाके में तलाश अभियान जारी है। सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ संयुक्त अभियान संचालित कर रहे हैं।
बसंतगढ़ उस घुसपैठ मार्ग पर स्थित है, जिसका उपयोग अक्सर पाकिस्तानी आतंकवादी करते हैं। ये आतंकवादी अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर कठुआ में प्रवेश करते हैं और ऊपरी इलाकों से होते हुए जम्मू क्षेत्र के डोडा और किश्तवाड़ जिलों की तरफ बढ़ते हैं, जिसके बाद वे आगे कश्मीर घाटी का रुख करते हैं। यह क्षेत्र पहले भी कई मुठभेड़ और आतंकी घटनाओं का गवाह रह चुका है। अधिकारियों के अनुसार, बलोठा क्षेत्र में तीन संदिग्ध व्यक्तियों की आवाजाही की जानकारी मिलने पर सेना, पुलिस और सीआरपीएफ ने संयुक्त अभियान शुरू किया।
