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राजनीति करनी पड़ी भारी, चुनाव आयोग ने नीतू चंद्रा को SVEEP आइकॉन पद से हटाया


मुंबई। बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों के दिन टीवी चैनलों पर राजनीतिक बातें करने का वीडियो सामने आने के बाद चुनाव आयोग ने अभिनेत्री नीतू चंद्रा को बिहार में मतदाता जागरण के स्वीप आइकॉन पद से हटा दिया है। आयोग ने नीतू चंद्रा, पंकज झा, चंदन राय और क्रांति प्रकाश को ज्यादा से ज्यादा मतदान के लिए मतदाताओं को जागरूक करने के लिए स्वीप आइकॉन नाम से एक तरह का ब्रांड एंबैसडर बनाया था। रिजल्ट के दिन समाचार चैनल पर पर नीतू चंद्रा जंगलराज की बातें करती नजर आईं थीं। नीतू ने पीएम नरेंद्र मोदी, सीएम नीतीश कुमार और गृहमंत्री अमित शाह की भी तारीफ की थी और डबल इंजन से बिहार में विकास पर अपनी बात रखी थी। आयोग ने उन्हें हटाते हुए लिखी चिट्ठी में कहा है कि इससे चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर सवाल उठ सकता है।

स्वीप आइकॉन के तौर पर नीतू चंद्रा ने चुनाव आयोग की तरफ से 18 जिलों में अलग-अलग तरह के जनजागरण कार्यक्रम में हिस्सा लिया था, ताकि मतदान प्रतिशत बढ़े। बिहार में इस बार 67.13 फीसदी वोटिंग के साथ आजादी से अब तक के सारे रिकॉर्ड टूट गए। 1951 के बाद कभी मतदान इतना नहीं हुआ था। पुरुषों ने 62.98 तो महिलाओं ने उनसे 9 ज्यादा 71.78 परसेंट वोट गिराया। नीतू ने ऐसा क्या कहा कि उन्हें आयोग ने हटा दिया, उसे पूरी तरह पढ़ने के लिए नीचे दी गई खबर के लिंक को क्लिक करें।

नीतू चंद्रा ने टीवी चैनल पर बिहार में लालू यादव और राबड़ी देवी के कार्यकाल में घर से बाहर ना निकलने, शाम 5 बजे घर लौट आने की नसीहत, किडनैगिंग जैसी चीजों की याद दिलाई। भाजपा और एनडीए में शामिल पार्टियां इस दौर को जंगलराज कहती हैं। नीतू चंद्रा ने बढ़े हुए मतदान का कारण पूछने पर जंगलराज का नाम लेकर कहा कि लोग तनाव में थे क्योंकि उसका आतंक लोगों के मन में था। उन्होंने 20 साल में बिहार में हुए विकास और बदलाव पर भी बात की और कहा कि नीतीश कुमार ने महिलाओं के दिल में जगह बना ली है।

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