मुंबई। भारतीय सिनेमा के दिग्गज एक्टर और कॉमेडियन गोवर्धन असरानी का निधन हो गया है। उन्होंने 84 साल की उम्र में अंतिम सांस ली। असरानी अपने पीछे एक भरा पूरा फिल्मी करियर छोड़कर गए हैं। हालांकि इस करियर की शुरुआत करना उनके लिए आसान नहीं रहा। गुरुदासपुर से फिल्मों के जुनून ने उन्हें घर से भागने पर मजबूर कर दिया। मुंबई पहुंचे असरानी के लिए यहां काम मिलना आसान नहीं था।
पुणे के फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट से डिप्लोमा करने के बाद असरानी को मुंबई में छोटे-मोटे काम मिलना शुरू हो गया लेकिन इससे घर चलाना आसान नहीं था। यहीं पर उनका परिवार उन्हें वापस गुरुदास पुर ले गया। पिता को मना कर असरानी एक बार फिर से मुंबई तो पहुंच गए लेकिन संघर्ष जारी रहा। तंगी से और काम की कमी से परेशान होकर असरानी ने पुणे फिल्म इंस्टीट्यूट में पढ़ाना शुरू कर दिया। यहां से असरानी की कई बड़े फिल्म निर्देशकों और कलाकारों के साथ जान-पहचान बनना शुरू हुई।
पढ़ाने के साथ काम ढूंढ़ रहे असरानी ने लगातार कोशिश करनी जारी रखी। 1969 में उन्हें सत्यकाम नामक फिल्म में काम मिला। 1971 में आई गुड्डी में उनके द्वारा निभाए गए कॉमिक किरदार ने उन्हें लाइम लाइट भी दी और उनके ऊपर कॉमेडियन का ठप्पा भी लगा दिया। इसके बाद असरानी ने पीछे मुड़कर नहीं देखा, उन्हें लगातार रोल मिलते गए और वह अपनी पहचान बनाते चले गए।
