
काठमांडू, 12 अक्टूबर।
हमास और इज़राइल के बीच संघर्ष विराम समझौते के तहत जारी की गई नई बंधक सूची में नेपाली नागरिक विपिन जोशी का नाम शामिल किया गया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, विपिन जोशी जीवित हैं और उनकी रिहाई की उम्मीद सोमवार को जारी होने वाले पहले चरण के समझौते में की जा रही है।
रविवार को द टाइम्स ऑफ इज़राइल और द वाशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट में बताया गया कि हमास के कब्जे में मौजूद जीवित बंधकों की सूची में अब विपिन जोशी का नाम जोड़ा गया है। इससे पहले जारी सूची में उनकी स्थिति “अज्ञात” बताई गई थी। लेकिन एसोसिएटेड प्रेस और अन्य अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, नई सूची में उनके जीवित होने की पुष्टि की गई है।
वर्तमान में जीवित बताए जा रहे सभी बंधक पुरुष हैं, जिनकी उम्र ज्यादातर 20 से 30 वर्ष के बीच है। इससे पहले संघर्ष विराम के एक चरण में 50 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं और बच्चों को रिहा किया गया था।
विपिन जोशी नेपाल के निवासी हैं और कृषि अध्ययन के लिए इज़राइल गए थे। उनका अपहरण दक्षिणी इज़राइल के एलुमिम किबुत्ज़ में काम करते समय हुआ था। परिवार ने हाल ही में गाजा में इज़रायली बलों द्वारा बरामद एक वीडियो प्राप्त करने की पुष्टि की है, जिसमें विपिन जीवित दिखाई दे रहे हैं। माना जा रहा है कि यह वीडियो नवंबर 2023 में रिकॉर्ड किया गया था।
बताया जाता है कि अपहरण से ठीक एक माह पहले विपिन जोशी इज़राइल पहुंचे थे और गाजा सीमा के पास एलुमिम किबुत्ज़ में काम और प्रशिक्षण ले रहे थे। उनकी रिहाई की खबर से नेपाल और उनके परिवार में उम्मीद की किरण जागी है।
