नई दिल्ली। सऊदी अरब में अपने नागरिकों की गतिविधियों को लेकर आलोचनाओं का सामना कर रहे पाकिस्तान ने अब हज और उमराह यात्रियों के लिए सख्त एडवाइजरी जारी की है। सऊदी अरब स्थित पाकिस्तानी दूतावास ने अपने नागरिकों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि वे भीख मांगने, अवैध तरीके से पैसे जुटाने और वीजा नियमों का उल्लंघन करने से बचें।
दूतावास ने चेतावनी दी है कि सऊदी अरब में नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सकती है। इनमें गिरफ्तारी, जेल और देश से निष्कासन तक की कार्रवाई शामिल है।
मक्का-मदीना में भीख मांगने पर जीरो टॉलरेंस
पाकिस्तानी दूतावास के मुताबिक, सऊदी प्रशासन ने पवित्र शहरों मक्का और मदीना में भीख मांगने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है।
दूतावास ने अपने नागरिकों से कहा है कि वे मस्जिदों के आसपास या सार्वजनिक स्थानों पर भीख मांगने अथवा किसी भी तरह से धन एकत्र करने की कोशिश न करें। ऐसी गतिविधियों को सऊदी कानून के तहत गंभीर अपराध माना जा सकता है।
AI वीडियो के जरिए दी चेतावनी
पाकिस्तानी दूतावास ने अपनी एडवाइजरी को प्रभावी बनाने के लिए सोशल मीडिया पर एक AI जनरेटेड वीडियो भी जारी किया है। इसे पाकिस्तान से आने वाले उमराह यात्रियों और कामगारों के लिए महत्वपूर्ण संदेश के तौर पर साझा किया गया है।
वीडियो में नियमों का उल्लंघन करने वाले एक पाकिस्तानी नागरिक को सऊदी पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए जाने और जेल भेजे जाने का दृश्य दिखाया गया है। इसके जरिए लोगों को सऊदी कानूनों का पालन करने की चेतावनी दी गई है।
वीजा की अवधि खत्म होने के बाद न रुकें
दूतावास ने यात्रियों और कामगारों को अपने वीजा की शर्तों का पालन करने की भी हिदायत दी है। उमराह या वर्क वीजा पर सऊदी अरब जाने वाले लोगों को निर्धारित अवधि समाप्त होने के बाद वहां नहीं रुकने को कहा गया है।
वीजा नियमों का उल्लंघन करने पर भी सऊदी अधिकारियों की ओर से कार्रवाई की जा सकती है।
पाकिस्तान को क्यों जारी करनी पड़ी ऐसी एडवाइजरी?
इस एडवाइजरी की एक बड़ी वजह सऊदी अरब में पाकिस्तानी नागरिकों की कुछ गतिविधियों को लेकर सामने आई शिकायतें बताई जा रही हैं। रिपोर्टों के अनुसार, सऊदी अधिकारियों ने पहले भी ऐसे मामलों पर चिंता जताई है, जिनमें कुछ लोग उमराह वीजा का इस्तेमाल करके सऊदी अरब पहुंचने के बाद भीख मांगने जैसी गतिविधियों में शामिल हो जाते हैं।
पाकिस्तान के लिए यह मामला इसलिए भी संवेदनशील है क्योंकि बड़ी संख्या में उसके नागरिक धार्मिक यात्रा और रोजगार के लिए सऊदी अरब जाते हैं। ऐसे मामलों से दोनों देशों के संबंधों के साथ-साथ पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय छवि पर भी सवाल उठते हैं।
इसी वजह से पाकिस्तानी दूतावास ने अपने नागरिकों को पहले ही चेतावनी देकर साफ संदेश देने की कोशिश की है कि धार्मिक यात्रा हो या रोजगार, सऊदी अरब में स्थानीय कानूनों का उल्लंघन किसी भी कीमत पर न किया जाए।
