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अमीरात की बिजनेस क्लास में भारतीय महिला का अनुभव, बोलीं- ‘लगा जैसे मैं यहां रहने लायक नहीं’

नई दिल्ली। अमीरात की बिजनेस क्लास में सफर करने वाली भारतीय स्टार्टअप फाउंडर रचना रामचंद ने अपने यात्रा अनुभव को सोशल मीडिया पर साझा किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सफर के दौरान तीन अलग-अलग मौकों पर उन्हें नजरअंदाज किया गया। इन घटनाओं के बाद उन्हें यह महसूस हुआ कि उनके साथ बैठे पुरुष यात्री को उनसे ज्यादा तवज्जो दी जा रही थी।

रचना ने सवाल उठाया कि क्या उनके साथ किसी तरह का भेदभाव हुआ। उनकी पोस्ट सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को लेकर बहस छिड़ गई है। हालांकि, कुछ यूजर्स ने इसे भेदभाव की बजाय कर्मचारी की लापरवाही या महज संयोग बताया है।

पहली बार बिजनेस क्लास में किया सफर

रचना के मुताबिक, यह अमीरात की बिजनेस क्लास में उनका पहला अनुभव था और वह इस यात्रा को लेकर काफी उत्साहित थीं। लेकिन यात्रा के दौरान हुई कुछ घटनाओं ने उनका अनुभव खराब कर दिया।

उन्होंने बताया कि एयरपोर्ट के रेस्ट एरिया में वह एक पुरुष यात्री से बातचीत कर रही थीं। इसी दौरान एक कर्मचारी वहां आया और उस पुरुष यात्री से पूछा कि क्या वह दोपहर का खाना लेना चाहेंगे। रचना का आरोप है कि कर्मचारी ने उनसे कुछ नहीं पूछा।

इसके बाद उन्होंने खुद कर्मचारी को बुलाकर खाना लेने की इच्छा जताई। रचना के मुताबिक, तभी उनका ऑर्डर लिया गया। इस घटना ने उन्हें असहज कर दिया।

दूसरी बार भी पुरुष यात्री को प्राथमिकता देने का आरोप

रचना ने अपनी पोस्ट में दूसरी घटना का भी जिक्र किया। उनके मुताबिक, कर्मचारी जब उनके साथ मौजूद पुरुष यात्री के लिए पानी लेकर आया तो उसने उससे दोबारा पानी की जरूरत के बारे में पूछा। लेकिन उनसे ऐसा सवाल नहीं किया गया।

रचना का कहना है कि लगातार दो घटनाओं के बाद उन्हें लगने लगा कि शायद उनके साथ बैठे पुरुष यात्री को उनसे अधिक ध्यान दिया जा रहा है।

आवाज धीमी करने के लिए कहा गया

तीसरी घटना को लेकर रचना ने बताया कि जिस पुरुष यात्री से वह बातचीत कर रही थीं, उसे सुनने में परेशानी थी। इसलिए दोनों सामान्य से थोड़ी ऊंची आवाज में बात कर रहे थे।

इसी दौरान एक कर्मचारी ने दोनों से आवाज धीमी रखने के लिए कहा। रचना का कहना है कि वे जानबूझकर तेज आवाज में बात नहीं कर रहे थे, बल्कि सामने वाले यात्री को सुनने में परेशानी होने के कारण उन्हें थोड़ा ऊंचा बोलना पड़ रहा था।

‘ऐसा लगा जैसे मैं यहां रहने लायक नहीं’

इन घटनाओं को साझा करते हुए रचना ने कहा कि उन्होंने खुद अपनी सीट को बिजनेस क्लास में अपग्रेड कराने के लिए पैसे दिए थे। इसके बावजूद उन्हें ऐसा महसूस हुआ जैसे वह उस जगह पर रहने के लायक नहीं हैं।

उन्होंने अपने अनुभव को लेकर निराशा जाहिर करते हुए कहा कि उन्हें कभी-कभी सामान्य श्रेणी में सफर करना ज्यादा सहज लगता है।

सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रिया

रचना की पोस्ट वायरल होने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स की प्रतिक्रियाएं भी बंट गईं। कुछ लोगों ने उनके अनुभव को गंभीर बताते हुए कहा कि किसी यात्री को इस तरह उपेक्षित महसूस नहीं होना चाहिए।

वहीं, कुछ लोगों ने कहा कि उपलब्ध घटनाओं के आधार पर सीधे भेदभाव का निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। उनके मुताबिक, कर्मचारी की लापरवाही, परिस्थितियों या गलतफहमी की वजह से भी ऐसा हो सकता है।

फिलहाल यह मामला सोशल मीडिया पर चर्चा में है। अमीरात की ओर से इस शिकायत पर प्रतिक्रिया दिए जाने की बात सामने आई है, लेकिन पूरे मामले पर एयरलाइन का विस्तृत पक्ष सामने आने के बाद ही तस्वीर पूरी तरह साफ हो सकेगी।

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