नई दिल्ली। जनगणना 2027 (Census 2027) को लेकर आधार (Aadhaar), मतदाता पहचान पत्र (Voter ID), ड्राइविंग लाइसेंस (Driving license), पासपोर्ट, मोबाइल नंबर (Mobile number) और बैंक खातों (Bank accounts) से जुड़ी जानकारी मांगे जाने को लेकर लोगों के बीच कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जनगणना के दौरान नागरिकों से कोई निजी या गोपनीय बैंकिंग जानकारी नहीं मांगी जाएगी। नागरिकों से बैंक खातों की सिर्फ संख्या पूछी जाएगी।
इसका मतलब है कि बैंक खाता संख्या, आईएफएससी कोड, एटीएम या डेबिट कार्ड नंबर, पासवर्ड, पिन, ओटीपी, खाते में जमा राशि या लेन-देन का विवरण नहीं देना है। सिर्फ यह बताना है कि आपके नाम पर कितने बैंक खाते हैं। इसी तरह आधार, मतदाता पहचान पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस और पासपोर्ट जैसे सरकार द्वारा जारी पहचान दस्तावेजों से संबंधित जानकारी मांगी जाएगी। यह जानकारी उपलब्ध होने की स्थिति में ही दी जानी है।
कर्मियों को क्यूआर कोड वाले पहचान पत्र: जनगणना का कार्य करने वाले कर्मचारियों की पहचान के लिए क्यूआर कोड युक्त पहचान पत्र की व्यवस्था की गई है। किसी भी तरह का संदेह होने की स्थिति में इस कोड की मदद से कर्मचारी की पहचान सत्यापित की जा सकती है।
पहले से तैयारी पूरी रखें
अधिकारियों ने कहा कि जनगणना में करीब 40 प्रश्न पूछे जाने हैं। इसलिए घर पर पहले से आवश्यक जानकारी कागज पर लिखकर तैयार रखना उपयोगी होगा। इससे प्रक्रिया में आसानी और गलत जानकारी देने की संभावना भी कम होगी।
वित्तीय जानकारी नहीं लेंगे
अधिकारियों ने कहा कि जनगणना का उद्देश्य लोगों की निजी बैंकिंग या वित्तीय जानकारी हासिल करना नहीं है। इसका उद्देश्य देश की जनसंख्या, सामाजिक स्थिति, आवास, शिक्षा, रोजगार, प्रवास और जनसांख्यिकीय पहलुओं से जुड़ा विश्वसनीय आंकड़ा तैयार करना है।
आपकी जानकारी सुरक्षित
अधिकारियों ने कहा कि जनगणना की जानकारी ‘जनगणना अधिनियम, 1948’ के तहत एकत्र की जाती है। इसके अंतर्गत व्यक्तिगत जानकारी गोपनीयता धारा 15 के तहत सुरक्षित है। इसलिए नागरिकों को अनावश्यक भय या भ्रम में पड़ने की जरूरत नहीं है।
साइबर ठगी से सावधान, आपको क्या नहीं बताना है
1. बैंक अकाउंट नंबर
2. एटीएम/डेबिट कार्ड नंबर
3. इंटरनेट बैंकिंग पासवर्ड
4. यूपीआई पिन
5. ओटीपी
6. खाते में उपलब्ध राशि
7. बैंक लेन-देन का विवरण
