Monday, July 27खबर जो असर करे |
Shadow

फिल्म समीक्षा : ‘दुल्हनिया ले आएगी’ मनोरंजन और पारिवारिक मूल्यों का बेहतरीन मेल

दुल्हनिया ले आएगी - फोटो सोर्स एक्स

फिल्म: ‘दुल्हनिया ले आएगी’

कलाकार: खुशाली कुमार, महेश मांजरेकर, पियूष मिश्रा, स्नेहिल दीक्षित, ओमकार कपूर, अगू स्टेनली

निर्देशक: आकाशादित्य लामा

लेखक: जयंत गुप्ता, अनुप्रिया रॉय

शैली: रोमांटिक कॉमेडी | पारिवारिक ड्रामा

रेटिंग: ⭐⭐⭐½ (3.5/5)

शादी और बारात पर आधारित फिल्में बॉलीवुड में पहले भी कई बार बन चुकी हैं, लेकिन ‘दुल्हनिया ले आएगी’ अपने अनोखे कॉन्सेप्ट की वजह से अलग पहचान बनाती है। यहां दूल्हा बारात लेकर दुल्हन के घर नहीं आता, बल्कि दुल्हन खुद अपने लिए दूल्हा ढूंढ़ने निकल पड़ती है। इसी दिलचस्प विचार के साथ फिल्म हंसी, भावनाओं और पारिवारिक रिश्तों का खूबसूरत मेल पेश करती है। निर्देशक आकाशादित्य लामा ने एक हल्की-फुल्की लेकिन दिल को छू लेने वाली कहानी को मनोरंजक अंदाज़ में बड़े पर्दे पर उतारा है।

फिल्म की कहानी नव्या (खुशाली कुमार) के इर्द-गिर्द घूमती है, जो एक बड़ी कंपनी में एचआर हेड है। उसके पिता देवी प्रसाद (महेश मांजरेकर) अपनी बेटी की शादी को लेकर बेहद खुश हैं और पूरे परिवार में शादी की तैयारियां चल रही हैं, लेकिन शादी से ठीक पहले नव्या को अपने होने वाले पति की असलियत पता चलती है। उसे मालूम होता है कि उसका मंगेतर महिलाओं का सम्मान नहीं करता और धोखेबाज़ है। इसके बाद वह शादी तोड़ने का फैसला करती है।

हालांकि, उसके सामने सबसे बड़ी चिंता अपने बीमार पिता की सेहत होती है। उन्हें सदमा न लगे, इसलिए नव्या एक ऐसा फैसला लेती है, जिसकी कोई कल्पना भी नहीं कर सकता। वह उसी मंडप में शादी करने के लिए नए दूल्हे की तलाश शुरू कर देती है। इस सफर में उसे कई अजीब, मजेदार और भावुक परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। कहानी आगे बढ़ते हुए रिश्तों, भरोसे और सही जीवनसाथी चुनने के महत्व को मनोरंजक अंदाज़ में पेश करती है।

निर्देशक आकाशादित्य लामा ने फिल्म को हल्के-फुल्के अंदाज़ में पेश किया है। उन्होंने कॉमेडी और भावनाओं के बीच अच्छा संतुलन बनाया है। फिल्म कहीं भी जरूरत से ज्यादा गंभीर नहीं होती और न ही अपनी कहानी से भटकती है। लेखक जयंत गुप्ता और अनुप्रिया रॉय ने मध्यमवर्गीय परिवार की भावनाओं, शादी की तैयारियों और रिश्तों की गर्माहट को सहज तरीके से पर्दे पर उतारा है। कई दृश्य दर्शकों को खुलकर हंसाते हैं, जबकि कुछ पल भावुक भी कर देते हैं।

अभिनय

खुशाली कुमार ने नव्या के किरदार में आत्मविश्वास और परिपक्वता दिखाई है। भावनात्मक और कॉमिक दोनों तरह के दृश्यों में उनका अभिनय प्रभाव छोड़ता है। महेश मांजरेकर एक स्नेही और जिम्मेदार पिता के किरदार में बेहद स्वाभाविक लगे हैं। उनके और खुशाली के बीच के भावनात्मक दृश्य फिल्म की बड़ी ताकत बनते हैं। पियूष मिश्रा अपने खास अंदाज़ और संवाद अदायगी से मनोरंजन बढ़ाते हैं। वहीं स्नेहिल दीक्षित फिल्म की सबसे बड़ी सरप्राइज पैकेज साबित होती हैं। उनकी शानदार कॉमिक टाइमिंग कई दृश्यों में हंसी के ठहाके लगवाती है। ओमकार कपूर और अगू स्टेनली भी अपने किरदारों के साथ न्याय करते हैं।

फिल्म की सिनेमैटोग्राफी रंगीन और आकर्षक है। शादी का माहौल, संगीत और पारिवारिक माहौल को खूबसूरती से फिल्माया गया है। बैकग्राउंड स्कोर कहानी के साथ मेल खाता है और फिल्म की गति भी पूरे समय बनी रहती है। संपादन कसा हुआ है, जिससे फिल्म कहीं भी बोझिल महसूस नहीं होती।

फाइनल वर्डिक्ट

‘दुल्हनिया ले आएगी’ एक साफ-सुथरी पारिवारिक रोमांटिक कॉमेडी है, जो मनोरंजन के साथ रिश्तों की अहमियत और सही फैसले लेने का संदेश भी देती है। फिल्म का अनोखा विषय, हल्का-फुल्का हास्य, भावनात्मक कहानी और कलाकारों का प्रभावशाली अभिनय इसे एक मनोरंजक अनुभव बनाते हैं। अगर आप परिवार के साथ ऐसी फिल्म देखना चाहते हैं, जिसमें हंसी, इमोशन और दिल को छू लेने वाले पल हों, तो ‘दुल्हनिया ले आएगी’ इस सप्ताह आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *