Sunday, March 15खबर जो असर करे |
Shadow

ईरान युद्ध की वजह से पूरी दुनिया में तेल का संकट, क्या है भारत की स्थिति; सरकार ने बताया


तेहरान। पश्चिम एशिया में संघर्ष के कारण समुद्री मार्ग बाधित होने के बीच केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को कहा कि कच्चे तेल और ईंधन से संबंधित किसी भी हालात से निपटने के लिए भारत अच्छी स्थिति में है। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि सरकार ने आम आदमी के लिए वैकल्पिक विकल्प प्रदान करने हेतु केरोसिन उत्पादन में वृद्धि की है।

गोयल ने ‘सीएनबीसी-टीवी18 इंडिया बिजनेस लीडर्स अवार्ड्स 2026’ समारोह में कहा कि सरकार निर्यातकों को समर्थन देने के लिए अगले सप्ताह कुछ ”ठोस एजेंडा” लेकर आने की योजना बना रही है। गोयल ने कहा, “कच्चे तेल और ईंधन के मामले में हमारी स्थिति काफी अच्छी है। हमारे पास पर्याप्त भंडार मौजूद है। कच्चे तेल या ईंधन, पेट्रोल, डीजल, विमानन ईंधन के मोर्चे पर किसी भी तरह की कोई गड़बड़ी नहीं हुई है।”
बढ़ाया गया केरोसीन का उत्पादन

उन्होंने कहा कि भारत ने केरोसिन का उत्पादन बढ़ा दिया है ताकि एलपीजी की आपूर्ति में किसी भी देरी की स्थिति में आम आदमी के लिए खाना पकाने का एक वैकल्पिक साधन उपलब्ध हो सके। गोयल ने कहा, ”इसके साथ ही, हम विविध स्रोतों से आयात के माध्यम से एलपीजी और एलएनजी संबंधी आवश्यकताओं को भी पूरा कर रहे हैं।’
होर्मुज स्ट्रेट को बचाने का आह्वान

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को होर्मुज जलडमरूमध्य को ‘बंद करने’ के ईरान के प्रयास से प्रभावित देशों से आग्रह किया कि वे वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण इस संकरे समुद्री मार्ग को सुरक्षित करने के लिए जहाज भेजें। अमेरिका और इजराइल का ईरान के खिलाफ युद्ध तीसरे सप्ताह में प्रवेश कर गया।

ट्रंप ने ‘ट्रुथ सोशल’ पर एक पोस्ट में चीन, फ्रांस, जापान, दक्षिण कोरिया, ब्रिटेन और अन्य देशों से होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाज भेजने का आग्रह किया तथा कहा कि अमेरिका तटरेखा पर बमबारी जारी रखेगा और ईरानी जहाजों व नौकाओं को निशाना बनाएगा। अमेरिका व इजराइल ने 28 फरवरी को ईरान पर एक बड़ा संयुक्त हमला शुरू किया था और ईरान की जवाबी कार्रवाई के साथ यह पूरे खाड़ी क्षेत्र में फैल गया।

ईरानी हमलों ने होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री यातायात को प्रभावित किया है, जो कच्चे तेल की वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं के लिए महत्वपूर्ण है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि इस संबंध में कोई औपचारिक समझौता हुआ है या राष्ट्रपति ट्रंप ही ऐसा चाहते हैं।

ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका, ईरान की सैन्य क्षमता को शत प्रतिशत नष्ट कर चुका है लेकिन चाहे वे कितने भी बुरी तरह पराजित क्यों न हो जाएं, उनके लिए एक-दो ड्रोन भेजना, बारूदी सुरंग गिराना या इस जलमार्ग में कहीं भी निकट दूरी की मिसाइल दागना आसान है। उन्होंने कहा, “उम्मीद है कि चीन, फ्रांस, जापान, दक्षिण कोरिया, ब्रिटेन और अन्य देश इस क्षेत्र में जहाज भेजेंगे ताकि होर्मुज जलडमरूमध्य एक ऐसे राष्ट्र के लिए खतरा न रहे जिसे पूरी तरह से नष्ट कर दिया गया है।”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *