Saturday, October 17खबर जो असर करे |
Shadow

Tag: Scheduled Caste

राज्य सहकारी अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम के 16 नवनियुक्त अधिकारियों को नियुक्ति पत्र वितरित

राज्य सहकारी अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम के 16 नवनियुक्त अधिकारियों को नियुक्ति पत्र वितरित

मध्य प्रदेश, राज्य
भोपाल, 14 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। आज राज्य सहकारी अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम के 16 नवनियुक्त अधिकारियों को औपचारिक रूप से उनके नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए। इस समारोह का आयोजन मध्य प्रदेश के अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री नागर सिंह चौहान ने किया, जिन्होंने सभी अधिकारियों को उनके कर्तव्यनिष्ठ कार्य के लिए बधाई दी और समाज के सर्वांगीण विकास में उनके योगदान को सराहा। मंत्री चौहान ने कहा, “हमारी सरकार के तहत मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के visionary नेतृत्व में, अनुसूचित जाति समुदाय के सामाजिक‑आर्थिक उत्थान के लिए हर संभव साधन जुटाए जा रहे हैं। इस दिशा में राज्य सहकारी अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम का महत्वपूर्ण योगदान है, और इन 16 अधिकारियों को इस मिशन के कार्यान्वयन में मुख्य भूमिका निभानी होगी।” नियुक्ति पत्र वितरण के दौरान, सभी 16 अधिकारियों को अपने-अपने विभागों में जिम्मेद...
अनुसूचित जाति आरक्षण और मतांतरण: संवैधानिक सीमाएँ, न्यायिक दृष्टिकोण

अनुसूचित जाति आरक्षण और मतांतरण: संवैधानिक सीमाएँ, न्यायिक दृष्टिकोण

लेख
-कैलाश चन्द्र भारत का संवैधानिक ढाँचा अनुसूचित जातियों (एससी) को उन ऐतिहासिक सामाजिक विषमताओं से उबारने के लिए विशेष संरक्षण और आरक्षण प्रदान करता है, जो सदियों से चले आ रहे अस्पृश्यता, बहिष्कार और जातिगत उत्पीड़न से उत्पन्न हुई हैं। यह व्यवस्था केवल आर्थिक पिछड़ेपन का समाधान नहीं है बल्कि एक गहरे सामाजिक अन्याय के प्रतिकार के रूप में विकसित की गई है। इसी कारण अनुसूचित जाति का दर्जा मूलतः उस सामाजिक-धार्मिक संरचना से जुड़ा माना गया है, जिसमें यह उत्पीड़न उत्पन्न हुआ अर्थात पारंपरिक हिंदू सामाजिक व्यवस्था। संविधान (अनुसूचित जाति) आदेश, 1950 के अनुसार एससी का दर्जा प्रारंभ में केवल हिंदुओं तक सीमित था, जिसे बाद में संशोधनों के माध्यम से सिख (1956) और बौद्ध (1990) समुदायों तक विस्तारित किया गया। इस व्यवस्था के अंतर्गत यदि कोई व्यक्ति, जो मूलतः एससी समुदाय से आता है, इस्लाम या ईस...