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Tag: पारंपरिक कला

बस्तर पंडुम का संभागस्तरीय आयोजन छे से आठ फरवरी को

बस्तर पंडुम का संभागस्तरीय आयोजन छे से आठ फरवरी को

छत्तीसगढ़, राज्य
रायपुर, 18 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। बस्तर पंडुम के संभागस्तरीय आयोजन की तिथि में आंशिक संशोधन किया गया है। छत्तीसगढ़ शासन के संस्कृति विभाग द्वारा जारी आदेश के तहत अब इसका आयोजन 6-8 फरवरी तक संभागीय मुख्यालय जगदलपुर में होगा, जहां जिलास्तर पर बस्तर पंडुम के अंतर्गत आयोजित 12 विधाओं के विजेता दल एवं कलाकार शामिल होंगे। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की विशेष पहल पर जनजातीय बहुल बस्तर संभाग की लोक-संस्कृति, परंपरा और विरासत को राष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में यह लगातार दूसरे वर्ष बस्तर पंडुम का गरिमामय आयोजन हो रहा है। बस्तर पंडुम-2026 का तीन चरणों में आयोजन जनपद, जिला एवं संभाग स्तर पर 12 विधाओं में प्रतियोगिता के तौर पर किया जा रहा है। इस आयोजन से बस्तर अंचल की लोककला, शिल्प, नृत्य, गीत-संगीत, पारंपरिक व्यंजन, बोली-भाषा, वेश-भूषा, आभूषण, वाद्य यंत्र, नाट्य एवं जनजातीय जीवन-पद्धति...
100 बेलमेटल हस्तशिल्पकारों को टूलकिट वितरण, आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम

100 बेलमेटल हस्तशिल्पकारों को टूलकिट वितरण, आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम

छत्तीसगढ़, राज्य
जगदलपुर, 17 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। बस्तर जिला मुख्यालय में बेलमेटल (डोकरा) हस्तशिल्प को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए 100 बेलमेटल शिल्प कारीगरों को टूलकिट का वितरण शनिवार को किया गया। यह कार्यक्रम वस्त्र मंत्रालय, भारत सरकार के सौजन्य से आयोजित किया गया, जिसे बस्तर शिल्प हैंडीक्राफ्ट्स प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड द्वारा क्रियान्वित किया गया। टूलकिट वितरण से बेलमेटल शिल्प से जुड़े कारीगरों को आधुनिक एवं आवश्यक औजार प्राप्त हुए हैं, जिससे उनके कार्य में आसानी होगी, उत्पादन क्षमता बढ़ेगी और आय में सुधार होगा। यह कार्यक्रम बस्तर के पारंपरिक हस्तशिल्प के संरक्षण के साथ-साथ उसे आत्मनिर्भर भारत अभियान से जोड़ने की दिशा में एक सशक्त और सकारात्मक पहल है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में बेलमेटल हस्तशिल्पकार एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बस्तर ...