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अंबिकापुर: धान खरीद व्यवस्था मनोरमा पाठक ने की व्यवस्था की खुलकर सराहना

अंबिकापुर: धान खरीद व्यवस्था मनोरमा पाठक ने की व्यवस्था की खुलकर सराहना

छत्तीसगढ़, राज्य
अंबिकापुर, 12 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। सरगुजा जिले के धान उपार्जन केन्द्रों में लागू पारदर्शी और किसान-हितैषी व्यवस्था से किसानों को धान विक्रय में बड़ी राहत मिली है। सुव्यवस्थित प्रबंधन के फलस्वरूप धान बेचने की प्रक्रिया अब पहले से अधिक सरल, सुगम और त्वरित हो गई है। अंबिकापुर की किसान मनोरमा पाठक ने धान खरीद व्यवस्था की सराहना करते हुए इसे किसानों के हित में एक सकारात्मक बदलाव बताया। मनोरमा पाठक ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि ग्राम सोहगा में उनकी लगभग पांच एकड़ 20 डिसमिल जमीन में खेती है। इस वर्ष अत्यधिक बारिश के कारण उनकी फसल का कुछ हिस्सा प्रभावित हुआ, जिससे वे केवल 22 क्विंटल धान ही विक्रय के लिए उपलब्ध कर पाईं। इसके बावजूद, धान उपार्जन केन्द्र के माध्यम से टोकन कटवाने से लेकर विक्रय तक की प्रक्रिया बेहद सरल और परेशानी-मुक्त रही। उन्होंने बताया कि टोकन कटाने की प्रक्रिया सुचारू थी ...
ऑनलाइन टोकन से लेकर त्वरित भुगतान तक धान खरीद व्यवस्था से संतुष्ट किसान चमरा सिंह

ऑनलाइन टोकन से लेकर त्वरित भुगतान तक धान खरीद व्यवस्था से संतुष्ट किसान चमरा सिंह

छत्तीसगढ़, राज्य
कोरबा, 12 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। छत्तीसगढ़ राज्य सरकार द्वारा धान खरीद हेतु की गई सुव्यवस्थित, पारदर्शी और किसान-हितैषी व्यवस्था अब प्रदेश के किसानों के लिए एक विश्वास का स्रोत बन गई है। सर्वाधिक समर्थन मूल्य, ऑनलाइन टोकन प्रणाली और त्वरित भुगतान जैसी योजनाएं किसानों को न केवल आर्थिक सहायता प्रदान कर रही हैं, बल्कि उन्हें आत्म-सम्मान और आत्मविश्वास भी दे रही हैं। इस प्रणाली का लाभ उठाते हुए पाली विकासखंड के ग्राम डोड़की के किसान चमरा सिंह ने इस खरीफ वर्ष में उपार्जन केंद्र चैतमा में 54 क्विंटल धान का सफलतापूर्वक विक्रय किया। सिंह के पास 4.5 एकड़ कृषि भूमि है, जहां वे परंपरागत रूप से धान की खेती करते हैं। राज्य सरकार की प्रभावी धान खरीद प्रणाली का लाभ नियमित रूप से उन्हें मिल रहा है। ऑनलाइन टोकन प्रणाली के कारण उन्हें किसी भी भीड़, अव्यवस्था या अनिश्चितता का सामना नहीं करना पड़ा। उन्होंने न...
एमसीबी: बदली धान खरीद व्यवस्था से किसान रमाशंकर को मिला मेहनत का पूरा सम्मान

एमसीबी: बदली धान खरीद व्यवस्था से किसान रमाशंकर को मिला मेहनत का पूरा सम्मान

विशेष समाचार
मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, 12 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। छत्तीसगढ़ में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 किसानों के लिए केवल धान बेचने का समय नहीं, बल्कि उनके लिए भरोसे, सम्मान और आत्मविश्वास से भरपूर एक नया अध्याय बनकर उभरा है। राज्य सरकार द्वारा स्थापित आधुनिक और तकनीक आधारित धान खरीद व्यवस्था ने यह यकीन दिलाया है कि अब किसानों की मेहनत सुरक्षित है और उनका सही मूल्य समय पर सीधे बैंक खाते में पहुंचाया जा रहा है। इस नए प्रणाली का जीवंत उदाहरण बने हैं मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के ग्रामीण पोड़ीडीह के किसान रमाशंकर, जिन्होंने खड़गवां उपार्जन केंद्र पर धान बेचकर इस नई व्यवस्था की प्रभावशीलता को अनुभव किया। रमाशंकर एक सरल, मेहनती और संघर्षशील किसान हैं, जिन्होंने अनिश्चित मौसम, बढ़ती लागत और बाजार के दबावों के बावजूद धान की फसल का उत्पादन किया। राज्य सरकार की प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदी की नीति और...
धान खरीद में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, नोडल अधिकारी अनुपस्थित मिले तो होगी कड़ी कार्रवाई : कलेक्टर

धान खरीद में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, नोडल अधिकारी अनुपस्थित मिले तो होगी कड़ी कार्रवाई : कलेक्टर

छत्तीसगढ़, राज्य
कोरबा, 12 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने सोमवार को कलेक्टोरेट सभाकक्ष में समय-सीमा की बैठक आयोजित की, जिसमें जिले के विभिन्न विभागों के कार्यों की समीक्षा की गई। उन्होंने धान खरीद प्रक्रिया में लापरवाही को बर्दाश्त न करने का सख्त संदेश दिया और कहा कि यदि नोडल अधिकारी समय पर केंद्रों में अनुपस्थित पाए गए, तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर ने किसानों को धान खरीद में किसी भी परेशानी से बचाने और बिचौलियों के खिलाफ निरंतर कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए। सभी विभागों को शासन की योजनाओं का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए उन्होंने पीवी ऐप के माध्यम से नियमित ऑनलाइन एंट्री करने और धान खरीदी केंद्रों में स्टैकिंग व्यवस्था सुधारने का भी सुझाव दिया। अटल मॉनिटरिंग पोर्टल की समीक्षा में कलेक्टर ने सभी विभागों को अपने कार्यों की प्रगत...