मॉस्को। रूसी करंसी रूबल ने इस साल डॉलर के मुकाबले सबसे शानदार प्रदर्शन किया है। जनवरी से 45% की तेजी आई है, जो रूसी अधिकारियों के अनुमान से कहीं ज्यादा है। इससे युद्ध प्रभावित अर्थव्यवस्था को चुनौतियां मिल रही हैं।
रूबल की अप्रत्याशित ताकत
रूबल अब डॉलर के मुकाबले 78 के आसपास कारोबार कर रहा है, जो यूक्रेन पर रूस के हमले से पहले के स्तर जैसा है। इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों से रूसी लोग विदेशी मुद्रा कम खरीद रहे हैं। ऊंची ब्याज दरों ने स्थानीय निवेशकों को रूबल में आकर्षित किया है।
ब्याज दरों का असर
केंद्रीय बैंक ने पिछले साल अक्टूबर से इस साल जून तक ब्याज दरें बहुत ऊंची रखीं, फिर 5 अंक घटाकर 16 प्रतिशत कर दीं। सरकार ने सालाना औसत 91.2 रूबल प्रति डॉलर का अनुमान लगाया था, लेकिन वास्तविकता इससे बेहतर रही।
प्रतिबंधों के बावजूद रूबल मजबूत
तेल कीमतों में गिरावट और अमेरिका-यूरोप के नए प्रतिबंधों के बावजूद रूबल मजबूत बना रहा। अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक प्रभावयह ताकत निर्यात आय को कम कर रही है, क्योंकि डॉलर से रूबल में कनवर्ट करने पर मूल्य घट जाता है। रूस का केंद्रीय बैंक नेशनल वेलबीइंग फंड से युआन और सोना बेचकर मुद्रा को सहारा दे रहा है। इससे ऊर्जा राजस्व में 22% की गिरावट का असर कम हो रहा है, जो 2023 के पहले 11 महीनों का आंकड़ा है।
वैश्विक प्रदर्शन और महंगाई नियंत्रण
रूबल दुनिया के टॉप-5 परफॉर्मिंग एसेट्स में शामिल हो गया है, जिसमें प्लेटिनम, सिल्वर, पैलेडियम और सोना जैसे कीमती धातुएं हैं। केंद्रीय बैंक की गवर्नर एलविरा नाबुलिना का कहना है कि यह ताकत महंगाई रोकने में मददगार है और इसके सकारात्मक प्रभाव अभी चरम पर नहीं पहुंचे।
