Tuesday, March 10खबर जो असर करे |
Shadow

धुरंधर में रहमान डकैत के रोल के लिए पहली पसंद नहीं थे अक्षय खन्ना, इस एक्‍टर ने बताई वजह


मुंबई। बॉलीवुड एक्टर रणवीर सिंह की फिल्म की फिल्म ‘धुरंधर’ को लेकर वक्त काफी क्रेज बना हुआ है। इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर तूफान मचा दिया है। मूवी के सभी कैरेक्टर ने अपनी एक्टिंग में जान डाल दी है, फिर चाहे वो मेन लीड हो या फिर स्क्रीन पर कम टाइम के लिए दिखने वाला कोई दूसरा स्टार। लेकिन अगर ‘धुरंधर’ में मेन लीड से ज्यादा अगर किसी की चर्चा हो रही है तो वो है रहमान डकैत का रोल प्ले करने वाले अक्षय खन्ना की। ऐसे में अब ‘धुरंधर’ का ये एक्टर फिल्म में अक्षय खन्ना के रहमान डकैत की हद से ज्यादा प्रशंसा (महिमामंडित) करने पर सहमत नहीं है। आइए जानते हैं कौन हैं वो उन्होंने ऐसा क्यों कहा?

मूवी में रहमान डकैत के रोल पर बोले ‘डोंगा’
धुरंधर में रहमान डकैत के रोल में अक्षय खन्ना के परफॉर्मेंस को हर तरफ से तारीफ मिली है। जब भी वह फ्रेम में आते हैं, म्यूजिक तेज हो जाता है, कैमरा उन पर ही टिका रहता है, क्योंकि वह स्क्रीन पर छा जाते हैं। ‘धुरंधर’ में रणवीर सिंह ने पाकिस्तान में एक भारतीय एजेंट का किरदार निभाया है, जो रहमान डकैत के गैंग में घुसपैठ करता है। कई पाकिस्तानी दर्शकों ने कहा है कि फिल्म में रहमान डकैत के किरदार को महिमामंडित किया गया है। वहीं, मूवी में रहमान डकैत की परछाई ‘डोंगा’ का किरदार निभाने वाले नवीन कौशिक इस बात से सहमत नहीं हैं। लाइव हिंदुस्तान से बातचीत में, नवीन ने विस्तार से बताया कि फिल्म किरदार को महिमामंडित क्यों नहीं करती बल्कि उसके सभी पहलुओं को दिखाती है।
मेरे हिसाब से महिमामंडन नहीं किया गया

नवीन कौशिक ने चैट के दौरान कहा, ‘मेरे हिसाब से उतना महिमामंडन नहीं किया गया है। एक किरदार का बनाना, ताकि हम दिखा सकें कि हमजा, नायक, जो जासूस है, वो किन लोगों के बीच गया है। किन लोगों के बीच रह कर अपना मिशन पूरा कर रहा है। वो पहाड़ जिसको वो चढ़कर पार करेगा वो, वो पहाड़ बनाना पड़ेगा। रहमान डकैत का जो कैरेक्टर है, जिसका बेटा मर जाता है…वो दिखाना बड़ा जरूरी था कि उसके पीछे जो गंदगी है, जो वही पाना है जब तक उनकी अच्छी, उनका लुक नहीं स्थापित करोगे तब तक लोग स्वीकार नहीं करेंगे।’
आज जनता जागरूक हो गई है

नवीन ने आगे कहा, ‘मुझे लगता है कि वो जमाना खत्म हो गया जब ओवर द टॉप विलेन जो होते थे… मोगैम्बो की तरह…वो एक टाइम पर काम करता था। आज की तारीख में हमने वर्ल्ड सिनेमा देख लिया है तो जनता जागरूक हो गई है। तो एक किरदार का फुल फ्लेज्ड होता हे, वो ग्रे होता हे… वो इस किरदार के लिए जरूरी था।’

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *