मुंबई। फिल्म ‘धुरंधर’ में दिखाया गया है कि रणवीर सिंह पहले रहमान डकैत का भरोसा जीतता है, और फिर एसपी चौधरी असलम (संजय दत्त) के साथ मिलकर उसे मरवा देता है, ताकि खुद ल्यारी पर राज कर सके। इसके लिए वह रहमान डकैत को राजनीति में उसके उतरने के बाद एक गुप्त रास्ते से लेकर जाता है, जहां पर एसपी चौधरी असलम पहले से उसका इंतजार कर रहा होता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि रियल लाइफ में रहमान डकैत की मौत इससे काफी अलग तरह से हुई थी?
असल में कैसे हुई रहमान डकैत की मौत
रहमान डकैत की मौत के बारे में एक एक्स पाकिस्तानी पुलिस ऑफिसर शकीमुद्दीन ने पॉडकास्ट में बताया, “सरदार अब्दुल रहमान बलोच इसका पूरा नाम है। एक दफा इसके चेहरे पर कोई जोरदार चीज लगी। चेहरे पर निशान पड़ गया। अपने चेहरे की सर्जरी कराने के लिए वो ईरान चला गया। चौधरी असलम से एक जुमला कहा पीपल्स पार्टी के एक सीनियर नेता ने कि चौधरी साहब रहमान को मैनेज करो। उसने कहा कि उसे इलेक्शन आया है बड़ा जोर से। इलेक्शन लड़ना चाहता है।”
पॉलिटिकल ट्रैप में फंसा रहमान डकैत
उन्होंने बताया, “चौधरी असलम साहब ने उसको (रहमान डकैत) फोन किया ईरान में कि पीपल्स पार्टी की अगुवाई अगर आप कहो हो तो मैं आपके सुबाई असेंबली के टिकट के लिए बातचीत करूं उनसे। उसने (रहमान डकैत) कहा करो। एसपी चौधरी ने कहा- आ जाओ कराची यू विल गेट इट। टिकट आपको मिल जाएगा। और यह एक पॉलिटिकल ट्रैप था। वो आ गया। इस तरह एसपी चौधरी ने उसे सिंधी वडेरे के डेरे पर जाकर मार दिया।” इस तरह आप समझ सकते हैं कि भले ही फिल्म में किरदारों के नाम एक जैसे रखे गए हों, लेकिन कहानी काफी हद तक बदल दी गई है।
