मुंबई। गुजरात हाई कोर्ट के एक वकील ने हाल ही में रिलीज हुई फिल्म ‘धुरंधर’ के निर्देशक आदित्य धर और बॉलीवुड एक्टर संजय दत्त को कानूनी नोटिस भेजा है। वकील ने इस फिल्म में बलूच समुदाय को बदनाम करने का आरोप लगाते हुए इन दोनों को यह नोटिस भेजा है। वकील का आरोप है कि फिल्म में बलूच समुदाय को दिखाने के लिए मेकर्स ने अश्लील, आपत्तिजनक और अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया है, जो कि पूरी तरह गलत है और इससे लोगों के बीच बलूचों की गलत छवि जा रही है। साथ ही वकील ने फिल्म के एक डायलॉग पर भी आपत्ति जताई।
एक रिपोर्ट के अनुसार यह लीगल नोटिस अहमदाबाद के रहने वाले एडवोकेट नबील बलूच ने भेजा है। उन्होंने फिल्म में संजय दत्त के निभाए पाकिस्तानी पुलिस अधिकारी द्वारा बोले गए एक डायलॉग पर भी आपत्ति जताई है, जिसमें उन्होंने कहा है, ‘आप मगरमच्छों पर तो भरोसा कर सकते हैं, लेकिन बलूच पर नहीं।’ दत्त ने फिल्म में एसपी चौधरी असलम का रोल प्ले किया है।
एडवोकेट नबील बलूच ने फिल्म की कुछ और लाइनों का भी हवाला देते हुए आरोप लगाया कि वे बलूच समुदाय को अपमानजनक और तिरस्कारपूर्ण तरीके से दिखाती हैं। अपने भेजे नोटिस में बलूच द्वारा कहा गया है, ‘किसी समुदाय के खिलाफ जानबूझकर अश्लील और अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करना नफरत फैलाने वाला भाषण कहलाता है, इससे ना केवल सामाजिक वैमनस्य को बढ़ावा मिलता है, साथ ही यह समानता, गरिमा और सम्मान के मौलिक सिद्धांतों का भी उल्लंघन है।’
फिल्म से जुड़े दोनों लोगों को भेजे गए इस नोटिस में वकील ने फिल्ममेकर्स से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है। साथ ही इसमें उनसे यह भी कहा गया है कि वे फिल्म ‘धुरंधर’ से बलूच समुदाय के बारे में सभी मानहानिकारक, अश्लील और अपमानजनक संदर्भों को हटा दें, डिलीट कर दें या सेंसर कर दें, जिसमें ट्रेलर, प्रमोशनल सामग्री और ऑनलाइन कंटेंट भी शामिल हैं।’ इस नोटिस में वकील ने 15 दिनों के भीतर मांगें पूरी नहीं होने पर सिविल और आपराधिक कार्यवाही करने की चेतावनी भी दी है।
